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Olive Ridley Ban: ओलिव रिडले कछुओं के लिए ओडिशा में 7 महीने का फिशिंग बैन, Gahirmatha में संरक्षण शुरू

Olive Ridley Ban: ओडिशा सरकार ने जैतून रिडले कछुओं के संरक्षण के लिए समुद्र में मछली पकड़ने पर 1 नवंबर 2025 से 31 मई 2026 तक सात महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। यह दुर्लभ कछुआ हर साल ओडिशा के तटीय क्षेत्रों पर आकर अपने अंडे देता है। इस प्रजनन प्रक्रिया को “अरिबाडा” कहा जाता है, जो विश्व की सबसे अनोखी प्राकृतिक घटनाओं में गिनी जाती है। रात के अंधेरे में कछुए रेत में अंडे देते हैं और फिर समुद्र की ओर लौट जाते हैं। लगभग 45 से 60 दिनों बाद इन अंडों से बच्चे निकलते हैं और बिना किसी मां की देखरेख के समुद्र की ओर बढ़ते हैं।

सरकार ने इस साल धामरा, देवी और रुसीकुल्या नदियों के मुहानों से 20 किलोमीटर तक के समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ने पर रोक लगाई है। इसका मुख्य उद्देश्य कछुओं के प्रजनन और अंडे देने के मौसम में उनके जीवन और समुद्री जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पहले से ही गहिरमठा समुद्र तट पर पूरे साल मछली पकड़ने पर रोक है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा कछुआ कॉरिडोर माना जाता है।

मछुआरों और आर्थिक सहायता

इस प्रतिबंध का असर करीब 11,000 मछुआरा परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने प्रत्येक परिवार को 15,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हालांकि, ओडिशा ट्रेडिशनल फिश वर्कर्स यूनियन ने इसे अपर्याप्त बताया है। यूनियन का कहना है कि सहायता राशि बढ़ाकर 30,000 रुपये की जानी चाहिए और छोटे मछली विक्रेताओं सहित सभी निर्भर परिवारों को इसमें शामिल किया जाए। साथ ही उनका सुझाव है कि प्रतिबंध अवधि सात महीने से घटाकर पांच महीने की जाए और निषिद्ध क्षेत्र 20 किलोमीटर की जगह पांच किलोमीटर तक सीमित किया जाए।

प्रतिबंध का महत्व

विशेषज्ञों के मुताबिक, कछुओं की मृत्यु अक्सर मछुआरों के जाल में फंसने या ट्रॉलर के प्रोपेलर से टकराने के कारण होती है। इस प्रतिबंध का उद्देश्य समुद्री जीवन की सुरक्षा और जैतून रिडले कछुओं की संख्या में वृद्धि करना है। यह कदम ओडिशा मरीन फिशरीज रेगुलेशन एक्ट, 1982 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत उठाया गया है।

सरकार इस दौरान तटीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी ताकि स्थानीय लोग जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी महसूस करें और इन दुर्लभ कछुओं की सुरक्षा में सहयोग करें।

ओडिशा में जैतून रिडले कछुओं के संरक्षण के लिए मछली पकड़ने पर यह सात महीने का प्रतिबंध प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने और समुद्री जीवन की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, आर्थिक सहायता और जागरूकता कार्यक्रम से मछुआरा समुदाय की चिंता को भी कुछ हद तक कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

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