Breaking

No Confidence Motion Om Birla: ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का बड़ा दांव, 118 सांसदों ने सौंपा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

No Confidence Motion Om Birla: संसद के निचले सदन में राजनीतिक तापमान उस समय बढ़ गया जब विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), वामपंथी दल (Left) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित लगभग सभी प्रमुख विपक्षी संगठनों ने एकजुट होकर स्पीकर के विरुद्ध नियम 94(सी) के तहत अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इस महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पर कुल 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जिसे औपचारिक रूप से लोकसभा महासचिव को सौंप दिया गया है। हालांकि, विपक्षी एकता के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने फिलहाल इस नोटिस से दूरी बनाकर सभी को चौंका दिया है।

कांग्रेस सांसदों की अगुवाई में कदम

इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल लोकसभा सचिवालय पहुँचा। नोटिस सौंपने वालों में मुख्य रूप से कांग्रेस सांसद सुरेश कोडिकुन्निल, गौरव गोगोई और मोहम्मद जावेद शामिल थे। इन नेताओं ने महासचिव से मिलकर प्रस्ताव की प्रति दी और सदन में चर्चा की मांग की। विपक्ष का यह कदम सदन की हालिया कार्यवाहियों में बढ़ते तनाव का परिणाम माना जा रहा है।

अविश्वास प्रस्ताव के पीछे मुख्य कारण और आरोप

विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज़ को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है। इस अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में मुख्य रूप से चार बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:

  1. विपक्ष के नेता को बोलने से रोकना: आरोप है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

  2. सांसदों का निलंबन: विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई को सत्तापक्ष के दबाव में लिया गया फैसला बताया गया है।

  3. अमर्यादित टिप्पणियों पर चुप्पी: बीजेपी सांसदों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के बावजूद स्पीकर द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न करने पर सवाल उठाए गए हैं।

  4. साजिश के आरोप: स्पीकर द्वारा कांग्रेस सांसदों पर सदन की कार्यवाही बाधित करने की साजिश रचने के आरोपों को विपक्ष ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

प्रियंका गांधी वाड्रा का तीखा हमला

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर सरकार और स्पीकर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “स्पीकर साहब पर सरकार का भारी दबाव है, जिसके कारण उन्हें ऐसे बयान देने पड़ रहे हैं जो उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं।” उन्होंने आगे तर्क दिया कि प्रधानमंत्री में सदन में आकर विपक्ष का सामना करने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए स्पीकर को उनके बचाव में सफाई देनी पड़ रही है, जो पूरी तरह से गलत परंपरा है।

स्पीकर को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया (अनुच्छेद 94)

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94 और लोकसभा के नियम 200 के तहत स्पीकर को हटाने की एक निश्चित प्रक्रिया निर्धारित है। इसके मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:

  • लिखित नोटिस: प्रस्तावक सदस्य को महासचिव को प्रस्ताव का पूरा पाठ लिखित में देना होता है।

  • सटीक आरोप: नोटिस में आरोप स्पष्ट और तर्कसंगत होने चाहिए। इसमें व्यंग्य या मानहानिकारक भाषा का प्रयोग वर्जित है।

  • समय सीमा: नोटिस मिलने के 14 दिनों के बाद ही इस पर चर्चा के लिए दिन तय किया जा सकता है।

  • 50 सदस्यों का समर्थन: सदन में प्रस्ताव पेश करने की अनुमति के लिए कम से कम 50 सांसदों का खड़े होकर समर्थन करना अनिवार्य है, अन्यथा प्रस्ताव स्वतः गिर जाता है।

  • मतदान प्रक्रिया: चर्चा के दौरान संबंधित स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते। प्रस्ताव को पारित होने के लिए सदन के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत (Simple Majority) की आवश्यकता होती है।

राजनीतिक समीकरण और प्रस्ताव का भविष्य

गणितीय दृष्टि से देखें तो विपक्ष के पास 220 से अधिक सांसद हैं, जिससे प्रस्ताव पेश करने के लिए आवश्यक 50 सदस्यों का समर्थन जुटाना उनके लिए आसान है। हालांकि, एनडीए के पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत होने के कारण इस अविश्वास प्रस्ताव का पास होना लगभग असंभव प्रतीत होता है। यह कदम संख्या बल से ज्यादा सरकार पर नैतिक दबाव बनाने और अपनी बात रखने की एक रणनीतिक कोशिश नजर आ रही है।

Read More:  Rahul Gandhi on Naravane Book: ‘नरवणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन’, FIR पर बोले राहुल गांधी- ‘मुझे अपने पूर्व आर्मी चीफ पर पूरा भरोसा है’

Thetarget365

Recent Posts

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, भारत में रसोई गैस की खपत 13% लुढ़की, सप्लाई पर गहराया संकट!

LPG Crisis:  मार्च 2026 में भारत के घरेलू और वाणिज्यिक बाजारों में कुकिंग गैस (LPG)…

11 minutes ago

PM Modi Bishnupur Rally : पीएम मोदी का टीएमसी पर वार,”महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वालों को सजा देगा बंगाल!”

PM Modi Bishnupur Rally :  पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के विष्णुपुर में आयोजित एक…

15 minutes ago

Strait of Hormuz Crisis: ईरान का भारतीय जहाज पर एक्शन, बंद हुआ दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता!

Strait of Hormuz Crisis: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) और एक भारतीय मालवाहक…

20 minutes ago

ED Raid in Kolkata: बंगाल में केंद्रीय एजेंसी का एक्शन, पुलिस अफसर और बिजनेसमैन के घर छापेमारी से हड़कंप!

ED Raid in Kolkata:  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार…

25 minutes ago

BPSC TRE 4.0 Update : बिहार में 46,882 शिक्षकों की होगी बंपर भर्ती, जानें आवेदन से लेकर परीक्षा तक का पूरा कैलेंडर!

BPSC TRE 4.0 Update : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के बहुप्रतीक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षा…

29 minutes ago

Rashid Khan Baby Boy : राशिद खान बने पिता, सोशल मीडिया पर बेटे ‘अजलान’ का किया परिचय, फैंस बोले- “आ गया छोटा राशिद!”

आईपीएल 2026 के बीच गुजरात टाइटंस के जादुई लेग स्पिनर राशिद खान के लिए एक…

36 minutes ago

This website uses cookies.