Dream11 ban : लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े ‘प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल’ को पास कर दिया गया है। इस बिल के जरिए सरकार अब उन गेम्स पर सख्ती बरतने वाली है जिनमें पैसों का लेन-देन होता है। ऐसे गेम्स को मानसिक और आर्थिक नुकसान का कारण बताया गया है। सरकार का कहना है कि कई लोग पैसों वाले ऑनलाइन गेम्स की लत में अपनी जमा-पूंजी गंवा चुके हैं। इतना ही नहीं, इन गेम्स के चलते कई लोगों ने आत्महत्या तक कर ली है। ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण जरूरी है। क्या ड्रीम 11 पर लग सकता है बैन? बिल पास होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब ड्रीम 11 जैसे फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन लग जाएगा। चूंकि ड्रीम 11 में भी यूजर्स पैसे लगाकर क्रिकेट टीम बनाते हैं और इनाम जीतते हैं, ऐसे में यह भी सरकार के रडार पर आ सकता है। ड्रीम 11 पर आरोप है कि यह अप्रत्यक्ष रूप से सट्टेबाजी को बढ़ावा देता है। इसी वजह से अब इस ऐप पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यह न केवल कंपनी बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी बड़ा झटका साबित हो सकता है। भारतीय टीम की स्पॉन्सर है ड्रीम 11 साल 2023 में ड्रीम 11 ने भारतीय क्रिकेट टीम की स्पॉन्सरशिप हासिल की थी। इसके साथ ही पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं। वहीं मौजूदा खिलाड़ी रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और केएल राहुल भी इस ऐप से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार इस बिल के जरिए ई-स्पोर्ट्स और सुरक्षित ऑनलाइन गेमिंग के कारोबार को बढ़ावा देना चाहती है। सरकार का मानना है कि पैसों वाले गेम्स पर रोक लगाकर लुडो, कैंडी क्रश और ई-स्पोर्ट्स जैसे गेम्स को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे भारत में गेमिंग का नया बाजार तैयार होगा। कंपनियों और खिलाड़ियों पर कार्रवाई का प्रावधान नए कानून के तहत सिर्फ गेम्स बनाने वाली कंपनियों ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रमोट करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई कंपनी या व्यक्ति पैसों वाले गेम्स खेलने के लिए लोगों को प्रेरित करता है तो उस पर सख्त सजा हो सकती है। बिल में यह भी साफ किया गया है कि ऐसे गेम्स को बढ़ावा देने वाली कंपनियों या व्यक्तियों को तीन साल तक की जेल हो सकती है। इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति खुद भी इन गेम्स में हिस्सा लेता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है। ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में हलचल इस बिल के पास होने के बाद ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों में खलबली मच गई है। जहां एक तरफ कुछ कंपनियां इसे उद्योग के लिए खतरा मान रही हैं, वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम खिलाड़ियों को सुरक्षित और जिम्मेदार गेमिंग की ओर ले जाएगा। कुल मिलाकर, लोकसभा में पास हुआ यह बिल भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। खासकर ड्रीम 11 जैसे प्लेटफॉर्म के लिए यह संकट का समय है। अब देखना होगा कि सरकार इसके खिलाफ क्या ठोस कदम उठाती है और भारतीय क्रिकेट टीम का प्रमुख स्पॉन्सर रहने वाला ड्रीम 11 अपने भविष्य को कैसे बचा पाता है। Read More : Bhupesh Baghel : छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार पर भूपेश बघेल का सवाल, “क्या 14 मंत्रियों की अनुमति केंद्र से मिली है?”














