Orkut Comeback 2026 :आज सोशल मीडिया पर कौन-सी पोस्ट दिखाई देगी, किस वीडियो को ज्यादा व्यूज मिलेंगे और किसकी सामग्री वायरल होगी, इसमें एल्गोरिदम की बड़ी भूमिका होती है। लेकिन इंटरनेट के शुरुआती दौर में सोशल नेटवर्किंग का उद्देश्य कुछ अलग था। उस समय लोग नए दोस्त बनाने, पुराने साथियों से दोबारा जुड़ने और अपनी पसंद के लोगों के साथ बातचीत करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे। इसी दौर में Orkut ने खास पहचान बनाई थी। अब इसके संस्थापक ऑरकुट बुयुक्कोक्टेन एक ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कल्पना कर रहे हैं, जहां लोकप्रियता की दौड़ के बजाय इंसानी रिश्तों और वास्तविक जुड़ाव को प्राथमिकता मिले।
2.60 लाख से ज्यादा लोगों ने जताया समर्थन
Orkut की वेबसाइट orkut.com पर लोगों को एक ऐसे सोशल नेटवर्क के समर्थन में जुड़ने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, जहां वास्तविक लोग आपस में बातचीत कर सकें और ऑनलाइन रिश्तों में अपनापन बना रहे। वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पहल के समर्थन में 115 देशों के 2.60 लाख से अधिक लोग साइन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पुराने Orkut के प्रति लोगों की दिलचस्पी और बेहतर सोशल मीडिया अनुभव की उम्मीद को दर्शाता है।
हालांकि, इस अभियान को नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की आधिकारिक लॉन्चिंग नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल लोगों से समर्थन दर्ज कराने की अपील की जा रही है। नए प्लेटफॉर्म का नाम, लॉन्च की तारीख, तकनीकी विशेषताएं और उपलब्धता को लेकर अभी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
AI कंटेंट और एल्गोरिदम पर क्यों उठ रहे सवाल?
ऑरकुट बुयुक्कोक्टेन का मानना है कि सोशल मीडिया का मूल उद्देश्य लोगों को जोड़ना होना चाहिए, लेकिन मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को अधिक समय तक ऐप पर बनाए रखने और विज्ञापनों से कमाई करने पर ज्यादा जोर दिखाई देता है। ऐसे माहौल में वास्तविक बातचीत और सार्थक रिश्ते पीछे छूट सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से तैयार पोस्ट, डीपफेक वीडियो, बॉट्स और स्वचालित AI एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल ने भी सोशल मीडिया के भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए हैं। AI तेजी से कंटेंट बना सकता है और लोगों तक जानकारी पहुंचा सकता है, लेकिन इंसानों के बीच भरोसा, भावनात्मक जुड़ाव और सच्ची दोस्ती का विकल्प बनना आसान नहीं है। इसी सोच के आधार पर Orkut के संस्थापक ऐसा डिजिटल माहौल विकसित करना चाहते हैं, जहां तकनीक लोगों के रिश्तों को मजबूत करने में मदद करे।
भारत में क्यों छाया था Orkut का जादू?
Orkut की शुरुआत 24 जनवरी 2004 को हुई थी। वर्ष 2006 के आसपास भारत में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और यह युवाओं के पसंदीदा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म में शामिल हो गया। स्कूल और कॉलेज के दोस्त एक-दूसरे को खोजते थे, पुराने परिचितों से संपर्क करते थे और क्रिकेट, बॉलीवुड, संगीत तथा अन्य रुचियों पर आधारित कम्युनिटी बनाते थे।
इसके स्क्रैप्स, टेस्टिमोनियल्स और पर्सनलाइज्ड प्रोफाइल जैसे फीचर्स ने ऑनलाइन बातचीत को खास अंदाज दिया था। भारत और ब्राजील में Orkut को बड़ी संख्या में यूजर्स मिले। हालांकि, समय के साथ Facebook जैसे प्लेटफॉर्म से प्रतिस्पर्धा बढ़ी और इसकी लोकप्रियता घटने लगी। Google ने वर्ष 2014 में Orkut को बंद करने की घोषणा की और 30 सितंबर 2014 को यह सेवा पूरी तरह बंद हो गई।
क्या पुराने Orkut जैसा अनुभव फिर लौटेगा?
वर्ष 2022 में Orkut की वेबसाइट दोबारा सक्रिय होने के बाद इसकी वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। अब 2026 में इसके संस्थापक की नई पहल ने एक बार फिर पुराने यूजर्स के बीच उम्मीद जगाई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि नया प्लेटफॉर्म पुराने Orkut जैसा होगा या उसमें आधुनिक तकनीक के साथ नए फीचर्स भी शामिल किए जाएंगे।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नया सोशल नेटवर्क लाइक्स, व्यूज और वायरल होने की दौड़ से अलग पहचान बना पाएगा। यदि यह पहल आगे बढ़ती है, तो सोशल मीडिया पर वास्तविक दोस्ती और भरोसे को प्राथमिकता देने वाला एक नया विकल्प सामने आ सकता है। लेकिन इसकी सफलता लॉन्च, फीचर्स और यूजर्स के अनुभव पर निर्भर करेगी।
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