China Smartphones : डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की दैनिक जरूरतों का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। ऑनलाइन पेमेंट, डिजिटल बैंकिंग, पढ़ाई, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया, मनोरंजन और ऑफिस के कई काम अब स्मार्टफोन के जरिए आसानी से किए जाते हैं। ऐसे में जब लोग अलग-अलग देशों में स्मार्टफोन की कीमतों की तुलना करते हैं, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि चीन में कई स्मार्टफोन भारत सहित अन्य देशों की तुलना में सस्ते क्यों मिलते हैं। इसके पीछे कई आर्थिक और औद्योगिक कारण जिम्मेदार हैं।

चीन में ही होती है अधिकांश स्मार्टफोनों की मैन्युफैक्चरिंग
चीन दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब माना जाता है। Xiaomi, Vivo, Oppo, Realme, Honor और OnePlus जैसे कई प्रमुख ब्रांड अपने अधिकांश स्मार्टफोन चीन में ही तैयार करते हैं। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने के कारण कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, आयात-निर्यात शुल्क, अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स और परिवहन पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि इन कंपनियों के लिए घरेलू बाजार में कम कीमत पर स्मार्टफोन बेचना आसान हो जाता है।

बड़ा बाजार और कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बड़ी वजह
चीन दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में शामिल है। यहां लाखों उपभोक्ता हर साल नए स्मार्टफोन खरीदते हैं। बड़ी संख्या में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है। Xiaomi, Oppo, Vivo, Realme और Honor जैसे स्थानीय ब्रांड लगातार बेहतर फीचर्स के साथ कम कीमत वाले फोन लॉन्च करते हैं। इसके अलावा Apple और Samsung जैसी वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी भी स्थानीय ब्रांडों को प्रतिस्पर्धी कीमतें रखने के लिए प्रेरित करती है।
मजबूत सप्लाई चेन से घटती है उत्पादन लागत
चीन में स्मार्टफोन निर्माण से जुड़े अधिकांश पार्ट्स और कंपोनेंट्स स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा मॉड्यूल, प्रोसेसर असेंबली और अन्य हार्डवेयर की सप्लाई एक ही औद्योगिक नेटवर्क के भीतर होती है। इससे उत्पादन लागत कम रहती है और कंपनियां बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन तैयार कर पाती हैं। मजबूत सप्लाई चेन का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को कम कीमत के रूप में मिलता है।
क्या चीन में हर स्मार्टफोन सस्ता होता है?
ऐसा मानना पूरी तरह सही नहीं है कि चीन में सभी स्मार्टफोन बेहद सस्ते होते हैं। कम कीमत का लाभ मुख्य रूप से उन ब्रांडों और मॉडलों को मिलता है, जिनका निर्माण चीन में ही किया जाता है। वहीं Apple के iPhone और Samsung Galaxy जैसे प्रीमियम स्मार्टफोन कई बार चीन में भी लगभग उसी कीमत पर बिकते हैं, जितनी भारत या अन्य देशों में होती है। कुछ मामलों में स्थानीय कर (टैक्स) और अन्य शुल्क के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
भारत और चीन की कीमतों में कितना होता है अंतर?
सामान्य तौर पर OnePlus, Samsung और Apple जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की कीमतों में चीन और भारत के बीच बहुत बड़ा अंतर नहीं होता। हालांकि, चीन में निर्मित कई घरेलू ब्रांडों के स्मार्टफोन विदेशी बाजारों की तुलना में लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं। इसका प्रमुख कारण स्थानीय उत्पादन, कम परिवहन लागत और प्रतिस्पर्धी बाजार व्यवस्था है। जब यही स्मार्टफोन दूसरे देशों में निर्यात किए जाते हैं, तो उन पर आयात शुल्क, कर और लॉजिस्टिक्स खर्च जुड़ने से उनकी कीमत बढ़ जाती है।
कीमत तय करने में कई कारक निभाते हैं भूमिका
किसी भी स्मार्टफोन की अंतिम कीमत केवल निर्माण लागत से तय नहीं होती। इसमें टैक्स, आयात शुल्क, वितरण नेटवर्क, मार्केटिंग खर्च, मुद्रा विनिमय दर और स्थानीय नियमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए एक ही मॉडल की कीमत अलग-अलग देशों में अलग हो सकती है। यही कारण है कि चीन में बने कई स्मार्टफोन वहां अपेक्षाकृत सस्ते मिलते हैं, जबकि अन्य देशों में उनकी कीमत अधिक दिखाई देती है। मजबूत मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम और प्रतिस्पर्धी बाजार चीन को कम कीमत वाले स्मार्टफोन उपलब्ध कराने में बड़ी बढ़त देते हैं।











