Pakistan Cricket Crisis: पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों गहरे संकट में है। टेस्ट, वनडे या टी20 – तीनों ही प्रारूपों में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। इस साल पाकिस्तान ने तीन टेस्ट में से सिर्फ़ एक में जीत दर्ज की है। वनडे में बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान की अगुवाई में टीम ने 11 में से महज़ दो मुकाबले जीते हैं, जबकि टी20 में भी स्थिति बेहतर नहीं रही – 14 में से सिर्फ सात मैच ही पाकिस्तान जीत सका है। सीनियर खिलाड़ियों पर गिरी गाज, सैलरी कटौती की संभावना टीम के लगातार खराब प्रदर्शन का असर अब खिलाड़ियों की कमाई पर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान जैसे सीनियर खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध से बाहर रखने पर विचार कर रहा है। इसका मतलब यह होगा कि उन्हें आईसीसी की आय से मिलने वाला तीन प्रतिशत हिस्सा नहीं मिलेगा। दो साल पुराना समझौता अब खतरे में गौरतलब है कि दो साल पहले सीनियर खिलाड़ियों के दबाव में आकर PCB ने यह लाभ देना शुरू किया था। लेकिन अब प्रदर्शन में गिरावट को देखते हुए बोर्ड इसे नए अनुबंध से बाहर करने की योजना बना रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कानूनी जटिलताओं के चलते मौजूदा अनुबंध को पूरी तरह बदला नहीं जा सकता, लेकिन नए सत्र में इसे हटाया जा सकता है। कोचिंग स्टाफ भी चिंतित, सबकी नजर PCB के फैसले पर इस स्थिति से न सिर्फ खिलाड़ी, बल्कि कोचिंग स्टाफ भी चिंतित है। सबकी निगाहें अब PCB के आगामी फैसले पर टिकी हैं। बोर्ड की मंशा साफ है – अगर प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो सैलरी कटौती तय मानी जा रही है। 92 रनों पर ऑल आउट, बाबर-रिज़वान हुए आलोचना के शिकार वनडे सीरीज़ में एक मैच जीतने के बाद पाकिस्तान को बुरी हार का सामना करना पड़ा। आखिरी मुकाबले में टीम महज़ 92 रनों पर ढेर हो गई। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर बाबर और रिज़वान को जमकर ट्रोल किया गया। कई फैन्स ने इसे ‘राष्ट्रीय शर्म’ करार दिया, तो कुछ ने रिज़वान को कप्तानी से हटाने की मांग भी की। PCB के लिए बड़ा फैसला, सीनियर खिलाड़ियों का भविष्य अधर में बाबर और रिज़वान जैसे स्टार खिलाड़ियों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। अगर PCB सैलरी कटौती और केंद्रीय अनुबंध से बाहर करने का फैसला लेता है, तो इससे टीम के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है। हालांकि, अभी तक PCB की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार फैसला जल्द ही सामने आ सकता है। पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय नतीजों की गूंज मैदान से बाहर भी सुनाई दे रही है। प्रदर्शन के आधार पर सीनियर खिलाड़ियों की सैलरी में कटौती और अनुबंध से बाहर किए जाने की संभावनाएं टीम में बड़ी उथल-पुथल का संकेत दे रही हैं। अब देखना यह है कि PCB वास्तव में कितना सख्त रुख अपनाता है, और क्या बाबर-रिज़वान जैसे खिलाड़ियों की स्थिति बच पाती है या नहीं। Read More : Mora Tiranga Abhiman : छत्तीसगढ़ बीजेपी का ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान’ अभियान, 50 लाख घरों में तिरंगा फहराने का दावा, कांग्रेस ने किया हमला














