Pakistan Crisis:
Pakistan Crisis: पाकिस्तान की सियासत में तानाशाही और दमन का दौर एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सुरक्षा और उनसे मुलाकात की मांग को लेकर अडियाला जेल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही उनकी बहनों और समर्थकों पर शहबाज सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान ने आधी रात को कहर बरपाया। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच पुलिस ने न केवल इमरान खान की बहन अलीमा खान को हिरासत में लिया, बल्कि निहत्थे समर्थकों पर वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का भी इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों और कानून के शासन पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
दरअसल, पाकिस्तान की एक अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि हर मंगलवार को इमरान खान के परिजन और करीबी उनसे जेल में मुलाकात कर सकते हैं। इसी आदेश के तहत इमरान की बहनें, अलीमा खान और उजमा खान, मंगलवार को अडियाला जेल पहुंची थीं। हालांकि, जेल प्रशासन ने सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर के दबाव में उन्हें मुलाकात की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। घंटों इंतजार करने के बाद जब उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया, तो बहनों ने जेल के मुख्य द्वार के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। इमरान के नाम का खौफ इस कदर है कि प्रशासन ने बातचीत के बजाय दमन का रास्ता चुना।
गिरफ्तारी के वक्त अलीमा खान का साहस देखते ही बन रहा था। पुलिस की वैन में बैठाए जाने के दौरान उन्होंने मीडिया और वहां मौजूद जनता को संबोधित करते हुए सीधा हमला जनरल आसिम मुनीर पर बोला। उन्होंने कहा, “यह मुल्क हमारा है और यहां रहना हमारा अधिकार है। आप 25 करोड़ लोगों को मुल्क से बाहर नहीं निकाल सकते। इन्होंने मुल्क को बेचना शुरू कर दिया है, लेकिन हम इमरान खान के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।” अलीमा ने चेतावनी दी कि जब अदालतों और कानून का अस्तित्व समाप्त हो जाता है, तो जनता खुद अपना कानून बहाल करवाने के लिए सड़कों पर उतरती है।
दिसंबर की इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में रावलपिंडी की सड़कों पर पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया। अडियाला जेल के बाहर जुटे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर ठंडे पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इमरान खान की बहनों की गिरफ्तारी की खबरों के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा और भड़क गया है।
जेल के बाहर मौजूद पीटीआई समर्थकों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समर्थकों ने कहा कि जिस तरह इमरान खान जेल की कालकोठरी में झुकने को तैयार नहीं हैं, उसी तरह उनके जांबाज कार्यकर्ता भी सड़कों पर डटे रहेंगे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान सरकार इमरान खान की लोकप्रियता से इतनी डरी हुई है कि वह उनके परिवार तक को प्रताड़ित करने पर उतारू है। इस घटना के बाद से पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू होने की आशंका बढ़ गई है।
अलीमा खान की गिरफ्तारी ने पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था की लाचारी को भी उजागर किया है। जब उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना जेल प्रशासन और पुलिस सरेआम करती है, तो लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है। पीटीआई के वकीलों का कहना है कि वे इस गिरफ्तारी और अदालत की अवमानना के खिलाफ फिर से कानूनी दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल, अलीमा खान की गिरफ्तारी ने इमरान खान के समर्थकों में एक नई ऊर्जा भर दी है, जो आने वाले दिनों में बड़े नागरिक आंदोलन का रूप ले सकती है।
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