Pakistan Crisis
Pakistan Crisis : पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS/CDF) के रूप में नई भूमिका संभालने के साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके समर्थकों के प्रति सरकार का रवैया बेहद सख्त हो गया है। ताजा घटनाक्रम में, इमरान खान की बहनों—अलीमा खान और नूरीन नियाजी—सहित पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के लगभग 400 कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई ने देश भर में विरोध की नई लहर पैदा कर दी है, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं।
यह पूरा विवाद मंगलवार की रात उस समय शुरू हुआ जब इमरान खान की बहनें अलीमा और नूरीन, भारी संख्या में पीटीआई समर्थकों के साथ रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर एकत्र हुईं। इमरान खान वर्तमान में इसी जेल में बंद हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेल अधिकारियों ने बहनों को पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके विरोध में समर्थकों ने जेल के बाहर ही धरना दे दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने जब भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई और समर्थकों ने कथित तौर पर पुलिस पर पथराव और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं।
पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर (FIR) में पीटीआई के दिग्गज नेताओं और इमरान के परिवार को निशाना बनाया गया है। रावलपिंडी के सदर बेरोनी पुलिस स्टेशन में अलीमा खान, नूरीन नियाजी, कासिम खान, आलिया हमजा और सलमान अकरम राजा जैसे बड़े नामों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इन सभी पर एंटी-टेररिज्म एक्ट (ATA) के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 120 भी लगाई गई है, जो राज्य के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल धारा 144 का उल्लंघन किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला भी किया।
घटनास्थल पर हुई हिंसा के बाद पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को बुधवार को रावलपिंडी की एक विशेष आतंकवाद निरोधी अदालत में पेश किया गया। एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कें जाम कीं, बल्कि सरकारी काम में बाधा डालते हुए पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया। पुलिस का आरोप है कि पीटीआई समर्थक सुनियोजित तरीके से कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। दूसरी ओर, पीटीआई का कहना है कि यह केवल उनके मौलिक अधिकारों का हनन है और उन्हें अपने नेता से मिलने से रोका जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल असीम मुनीर के बढ़ते प्रभाव और उनकी नई शक्तियों के चलते इमरान खान के करीबियों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इमरान खान की बहनों पर सीधे तौर पर आतंकवाद का मुकदमा दर्ज होना इस बात का संकेत है कि सेना और मौजूदा सरकार पीटीआई के किसी भी आंदोलन को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। यह मामला इमरान खान और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच बढ़ती गहरी खाई का एक हिस्सा है, जहाँ सुलह की गुंजाइश फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
जेल के बाहर हुई इस घटना और उसके बाद की कानूनी कार्रवाई ने पीटीआई कार्यकर्ताओं को आक्रोशित कर दिया है। सोशल मीडिया पर इमरान खान के समर्थकों ने सरकार और सेना प्रमुख के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शनों की तैयारी की जा रही है। यदि सरकार ने अपना सख्त रुख जारी रखा, तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में बड़ी हिंसा और अशांति देखने को मिल सकती है। फिलहाल, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
Read More : GPay UPI Credit Card launch: गूगल पे का पहला ग्लोबल क्रेडिट कार्ड भारत में लॉन्च, यूपीआई लिंक की सुविधा
Good Governance Tihar 2026 : छत्तीसगढ़ में सुशासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के…
Gas Delivery OTP Rule : मई का महीना शुरू होते ही आम आदमी और व्यापारियों…
Mental Health Awareness : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) से…
Bada Mangal Dates : हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है,…
Sakti News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शनिवार…
Bilaspur Murder Case : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है,…
This website uses cookies.