Pakistan Earthquake : पाकिस्तान में शुक्रवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) के मुताबिक, भूकंप सुबह 4 बजकर 56 मिनट पर आया। इसका केंद्र बलूचिस्तान प्रांत के चगाई जिले में था, जबकि जमीन के भीतर इसकी गहराई लगभग 35 किलोमीटर दर्ज की गई। झटके महसूस होते ही कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
बलूचिस्तान के चगाई जिले में भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के चगाई जिले में होने की जानकारी सामने आई है। 4.9 तीव्रता के झटकों के कारण स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, शुरुआती जानकारी में किसी इमारत के ढहने, किसी व्यक्ति के घायल होने या अन्य बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी भी प्राकृतिक आपदा के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन करने में समय लग सकता है।
तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप ने मचाई भारी तबाही
पाकिस्तान में आए भूकंप से पहले चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत के उत्तरी हिस्से में भी शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। नागकू शहर के पास गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत होने की खबर है। इसके अलावा 46 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के तेज झटकों से कई रिहायशी इमारतें ढह गईं और प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
तिब्बत में 339 मकान और 20 मवेशी शेड ध्वस्त
नागकू मीडिया कार्यालय ने स्थानीय प्रशासन के हवाले से बताया कि भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान और 20 मवेशी शेड पूरी तरह ढह गए हैं। हादसे में घायल 46 लोगों में से 11 की हालत गंभीर बताई गई, जबकि 35 अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं। प्रभावित इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
1,600 से अधिक बचावकर्मी राहत अभियान में तैनात
भूकंप प्रभावित काउंटी और आसपास के इलाकों में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों और जवानों को तैनात किया गया है। बेघर हुए लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए लगभग 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवास इकाइयां और करीब 3,000 टेंट भेजे गए हैं। इसके साथ ही फोल्डिंग बेड, टॉर्च और गर्म कपड़ों की व्यवस्था भी की गई है। राहत दलों के सामने मलबे में फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने की चुनौती है।
तिब्बत में बर्फबारी से बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, तिब्बत के प्रभावित ऊंचाई वाले क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर भारी बर्फबारी होने का अनुमान जताया गया है। खराब मौसम और कड़ाके की ठंड से राहत एवं बचाव अभियान कठिन हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।
पाकिस्तान और तिब्बत के भूकंप में कितना अंतर?
पाकिस्तान के चगाई जिले में 4.9 तीव्रता के भूकंप के बाद फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं है, जबकि तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। दोनों घटनाओं के परिणाम अलग-अलग रहे हैं। भूकंप से होने वाला नुकसान उसकी तीव्रता के अलावा गहराई, केंद्र से दूरी, स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों और इमारतों की मजबूती पर भी निर्भर करता है।
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