Pakistan Helicopter Crash : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राहत और बचाव कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। मोहमंद जिले के पांडियाली क्षेत्र में MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें 2 पायलट और 3 बचाव दल के सदस्यों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर बाढ़ प्रभावित उत्तरी इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने गया था।

खराब मौसम और भारी बारिश से टूटा संपर्क
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा खराब मौसम और मूसलाधार बारिश के कारण हुआ। हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद खोज अभियान में उसे दुर्घटनाग्रस्त हालत में पाया गया। मृतकों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाएगा और प्रांत में एक दिन का शोक घोषित किया गया है।

पाकिस्तान में बाढ़ का कहर, 164 लोगों की मौत
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के मुताबिक, 15 अगस्त को पूरे देश में बाढ़ से 164 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 150 मौतें सिर्फ खैबर पख्तूनख्वा में दर्ज की गईं। लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने कई जिलों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से हालात बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
2025 के मानसून में अब तक 303 मौतें
26 जून 2025 से अब तक पाकिस्तान में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 303 लोगों की जान जा चुकी है और 730 लोग घायल हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, गिलगित-बाल्टिस्तान और POK में स्थिति गंभीर बनी हुई है। पंजाब में 164, सिंध में 28, बलूचिस्तान में 20, गिलगित-बाल्टिस्तान में 10 और POK में 2 लोगों की मौत हुई है।
कराकोरम हाईवे और कई इलाके जलमग्न
खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर, स्वात, चित्राल, कोहिस्तान और पेशावर में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। स्वात और बाजौर में कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए। कराकोरम राजमार्ग का पुल टूटने से यातायात बाधित है। पंजाब के लाहौर, रावलपिंडी और चकवाल में बारिश और बाढ़ से बिजली और यातायात सेवाएं ठप हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान में ग्लेशियर पिघलने से GLOF (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड) का खतरा बढ़ गया है।
POK में बादल फटने से 700 से ज्यादा पर्यटक फंसे
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के नीलम घाटी और मुजफ्फराबाद में बादल फटने और भूस्खलन से 700 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। भारी बारिश से अब तक 1,624 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 543 गिलगित-बाल्टिस्तान, 360 POK और 359 खैबर पख्तूनख्वा में पूरी तरह नष्ट हुए हैं। कई सड़कें, पुल और स्कूल बह गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है।
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