Pakistan KP IED Blast
Pakistan KP IED Blast: पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को प्रांत के टैंक जिले में आतंकवादियों ने पुलिस के एक बख्तरबंद वाहन (एपीसी) को निशाना बनाकर शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट किया। इस कायराना हमले में 6 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रमुख मीडिया संस्थान ‘डॉन’ के अनुसार, यह घटना गोमल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में उस समय हुई, जब पुलिस का वाहन स्टेशन से टैंक शहर की ओर जा रहा था। विस्फोट इतना भीषण था कि लोहे से बनी बख्तरबंद गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार जवानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
इस रक्तरंजित हमले के बाद खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक बताते हुए पुलिस के आला अधिकारियों से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। गवर्नर ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और सूबे की सत्ताधारी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपील की है कि सरकार केवल बयानों तक सीमित न रहे और प्रांत में बढ़ती आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने आधिकारिक रूप से इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
टैंक जिले में हुआ यह हमला पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती चरमपंथी हिंसा की एक नई कड़ी है। यह घटना लक्की मरवत और बन्नू जिलों में हुई उन दो अलग-अलग फायरिंग की वारदातों के ठीक एक हफ्ते बाद हुई है, जिसमें चार पुलिसकर्मी मारे गए थे। लक्की मरवत के सराय नौरंग शहर में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात आतंकियों ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं, जिसमें तीन अधिकारियों की जान चली गई थी। खैबर पख्तूनख्वा का यह पूरा क्षेत्र पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ साबित हो रहा है, जहाँ आईईडी और टारगेट किलिंग की घटनाएं आम हो गई हैं।
एक तरफ जहाँ पुलिस पर हमले बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बल भी जवाबी कार्रवाई का दावा कर रहे हैं। इस ताजा हमले से ठीक एक दिन पहले, रविवार को केपी पुलिस और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने एक संयुक्त अभियान में आठ आतंकवादियों को ढेर करने का दावा किया था। यह ऑपरेशन बन्नू, खैबर और पेशावर के उपनगरीय इलाके जाहिर गढ़ी में चलाया गया था। पुलिस के अनुसार, मारे गए ये आतंकवादी पिछले कई महीनों से सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर हुए हमलों में शामिल थे। सुरक्षा बलों का कहना है कि इन ऑपरेशनों के बावजूद क्षेत्र में स्लीपर सेल अभी भी सक्रिय हैं।
ताजा आईईडी ब्लास्ट के बाद पाकिस्तानी सेना और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों ने पूरे टैंक जिले और गोमल पुलिस स्टेशन के आसपास के इलाकों को घेर लिया है। संदिग्धों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सटीक हमलों के पीछे स्थानीय स्तर पर आतंकियों को मिलने वाली खुफिया जानकारी और रसद बड़ी वजह है। मारे गए पुलिसकर्मियों के शवों को जिला मुख्यालय अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। पाकिस्तान के इन कबायली इलाकों में सक्रिय आतंकवादी समूह अब अत्याधुनिक विस्फोटकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बख्तरबंद गाड़ियों को भी भेदने में सक्षम हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में लगातार होते हमले पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा की पोल खोल रहे हैं। आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता के बीच पिस रहे इस प्रांत में पुलिसकर्मी सबसे अग्रिम मोर्चे पर हैं और सबसे ज्यादा बलिदान दे रहे हैं। जब तक सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और स्थानीय आतंकी ठिकानों का सफाया नहीं किया जाता, तब तक इस क्षेत्र में शांति की बहाली एक दूर का सपना बनी रहेगी।
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