Pakistan Protest : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बारा तहसील में मंगलवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान सरकारी इमारतों में आग लगाए जाने की खबर सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
झड़प में प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हिंसक झड़प के दौरान कम से कम पांच प्रदर्शनकारी घायल हुए। वहीं, हयाताबाद मेडिकल कॉम्प्लेक्स के एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में एक दर्जन से अधिक घायलों को लाया गया, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हालांकि, घायलों की कुल संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का किया इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने शुरुआत में लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद स्थिति शांत नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय विधायक अब्दुल गनी अफरीदी अन्य PTI समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस को पीछे हटने के लिए मजबूर किया और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की।
NADRA कार्यालय और रेस्क्यू 1122 की इमारत में आग
PTI की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शनकारियों ने कई पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पुलिस ने दोबारा आंसू गैस का इस्तेमाल किया और हवा में गोलियां चलाईं। इसी दौरान नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) के नजदीकी कार्यालय तथा रेस्क्यू 1122 की इमारत के एक हिस्से में आग लगाए जाने की खबर सामने आई। इन घटनाओं को लेकर स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू होने से बढ़ा राजनीतिक तनाव
इस घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू किए जाने की जानकारी भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) का इस्तेमाल करते हुए यह कदम उठाया। इसके पीछे प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को कारण बताया गया। इस फैसले को PTI की प्रांतीय सरकार के अधिकारों और शासन व्यवस्था से जुड़े बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने उठाए सवाल
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और खैबर पख्तूनख्वा के निर्वाचित मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के घटनाक्रम पर ध्यान देने की अपील भी की। उनके बयान ने राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया।
जेल में बंद हैं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 5 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह रावलपिंडी के बाहरी इलाके में स्थित अडियाला जेल में बंद हैं। उनके बेटे सुलेमान खान और कासिम खान ब्रिटिश नागरिक हैं। खैबर पख्तूनख्वा में हिंसक प्रदर्शन और आपातकाल से जुड़े घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान की राजनीति में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Read More : CJP Leaders Arrest: जंतर-मंतर मामले में आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की जेल, पुलिस ने शांति भंग का लगाया आरोप