Dhirendra Shastri Controversy : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी पर राजनीतिक और धार्मिक विवाद बढ़ता जा रहा है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद ने कथावाचक पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर किया बड़ा ऐलान
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह कथावाचक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जा रहे हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को सत्ता संरक्षित फरेबी कथावाचक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि भगवान कृष्ण पर विवादित टिप्पणी करने के बाद अब धीरेंद्र शास्त्री माफी मांगने का प्रयास कर रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि केवल माफी मांगने से मामला खत्म नहीं होगा और दोषी को सजा दिलाने के लिए वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

मध्य प्रदेश की रामकथा से शुरू हुआ पूरा विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में आयोजित रामकथा के दौरान हुई। यहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप, उनकी शारीरिक मुद्रा और बांसुरी बजाने की कला को लेकर टिप्पणी की थी। कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
भगवान कृष्ण की मुद्रा को लेकर क्या बोले थे धीरेंद्र शास्त्री?
वायरल वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण की प्रसिद्ध त्रिभंग मुद्रा का जिक्र करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की तस्वीरों में उनका शरीर तीन स्थानों से मुड़ा हुआ दिखाई देता है। उनके पैर, कमर और गर्दन की मुद्रा अलग तरह की होती है और वह बांसुरी बजाते नजर आते हैं।

इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीराम के स्वरूप से तुलना करते हुए कहा कि राम सीधे खड़े होते हैं और उनका नाम तथा चलने का अंदाज भी सीधा है। वहीं कृष्ण के स्वरूप को टेढ़ा बताया। उन्होंने बांसुरी बजाने की कला को सामान्य बताते हुए मंच पर मौजूद एक बांसुरी वादक का उदाहरण भी दिया। उनकी इसी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
संत समाज ने जताई कड़ी नाराजगी
धीरेंद्र शास्त्री के बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा समेत कई धार्मिक क्षेत्रों के संतों और धर्मगुरुओं ने आपत्ति जताई। संतों का कहना था कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण एक ही परम शक्ति के अलग-अलग दिव्य स्वरूप हैं। ऐसे में दोनों की तुलना इस तरह करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह की टिप्पणियों से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
माफी के बाद भी नहीं थम रहा विवाद
विवाद बढ़ने और संत समाज की नाराजगी सामने आने के बाद धीरेंद्र शास्त्री को अपनी टिप्पणी पर माफी मांगनी पड़ी। हालांकि, माफी के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ है। पप्पू यादव के मुकदमा दर्ज कराने के ऐलान के बाद विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं और धीरेंद्र शास्त्री की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।


