CDS Anil Chauhan : चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को देश के दुश्मनों को दो टूक चेतावनी दी कि भारत शांतिप्रिय जरूर है, लेकिन ‘शांतिवादी’ नहीं। महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित ‘रण-संवाद’ कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि शांति चाहिए तो युद्ध के लिए हर समय तैयार रहना होगा।

जनरल चौहान ने स्पष्ट किया, “शक्ति के बिना शांति एक यूटोपियन कल्पना है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि क्षमा वही शोभती है जिसके पास शक्ति हो।” उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियों का引用 करते हुए कहा –”क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो, उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत, सरल हो।”

‘फ्यूचर वॉरफेयर’ पर जोर
CDS ने कहा कि आज की चर्चा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर केंद्रित नहीं है, बल्कि यह युद्ध की भविष्य की तस्वीर – फ्यूचर वॉरफेयर – पर है। उन्होंने बताया कि भविष्य के युद्ध पहले से कहीं अधिक घातक होंगे और उनका मुकाबला थल, वायु और नौसेना की संयुक्त ताकत से ही संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेनाओं को हर परिस्थिति में न केवल सशक्त, बल्कि आत्मनिर्भर बनना होगा, ताकि किसी भी चुनौती से निपटा जा सके।
‘सुदर्शन चक्र मिशन’ से बनेगा भारत का ‘आयरन डोम’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से घोषित सुदर्शन चक्र मिशन को लेकर भी जनरल चौहान ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मिशन पर तेजी से काम शुरू हो गया है और हाल ही में डीआरडीओ द्वारा किया गया इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का सफल परीक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “2035 तक यह मिशन भारत की अपनी ‘आयरन डोम’ या ‘गोल्डन डोम’ के रूप में देश की सीमाओं को अजेय बनाएगा।”
भारत की सेनाएं टेक्नोलॉजिकल सुपरपावर की राह पर
CDS ने इस बात पर भी बल दिया कि जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर हो रहा है, वैसे ही भारत की सेनाओं को भी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और संयुक्त सैन्य रणनीतियों से सुसज्जित होना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाएं अब केवल पारंपरिक युद्ध नहीं, बल्कि साइबर, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित युद्धक्षेत्र की भी तैयारी कर रही हैं।
जनरल अनिल चौहान का संदेश स्पष्ट है – भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि हर मोर्चे पर (सक्रिय) होकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। ‘शक्ति से ही शांति’ का मंत्र लेकर भारतीय सेनाएं भविष्य के हर युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं।










