ताज़ा खबर

Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया के पापुआ क्षेत्र में 6.3 तीव्रता का भूकंप, जानिए क्या है “रिंग ऑफ फायर” से इसका संबंध

Indonesia Earthquake:  इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में मंगलवार को सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह है कि भूकंप से किसी तरह की जान-माल की क्षति की खबर नहीं है, और सुनामी का भी कोई खतरा नहीं है।

कहां और कितनी गहराई में आया भूकंप?

भारतीय राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 39 किलोमीटर गहराई में था। वहीं, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने बताया कि इसका केंद्र अबेपुरा शहर से करीब 193 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था।

भूकंप के झटकों से दहशत, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं

स्थानीय समयानुसार सुबह झटके महसूस किए गए, जिससे कई लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, कोई घायल या घायल की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने तुरंत स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी और भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।

इंडोनेशिया क्यों है भूकंप की ज़द में?

इंडोनेशिया दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है। यह एक टेकटोनिक प्लेटों का अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र है, जहां प्लेटें अक्सर टकराती या खिसकती हैं, जिससे लगातार भूकंप आते रहते हैं।

हालिया और पूर्व के बड़े भूकंप

7 अगस्त 2025 को भी इंडोनेशिया में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 106 किमी गहराई में था।

जनवरी 2021 में सुलावेसी में 6.2 तीव्रता के भूकंप में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।

2018 में पालु, सुलावेसी में आए 7.5 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में 2200 से अधिक लोग मारे गए थे।

2004 के विनाशकारी भूकंप और सुनामी में इंडोनेशिया के आचे प्रांत में 1.7 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप तब आते हैं जब पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती या फिसलती हैं। जब इन प्लेटों के बीच जमा तनाव अचानक मुक्त होता है, तो ज़मीन में कंपन पैदा होता है। भूकंप का केंद्र यानी फोकस वह बिंदु होता है जहां से कंपन शुरू होता है, और जमीन पर सबसे ज्यादा असर एपिसेंटर में होता है।

भले ही आज का भूकंप किसी बड़ी त्रासदी में नहीं बदला, लेकिन यह एक बार फिर “रिंग ऑफ फायर” जैसे क्षेत्रों की संवेदनशीलता की याद दिलाता है। इंडोनेशिया जैसे देशों के लिए भूकंप एक आम प्राकृतिक घटना है, इसलिए आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा उपायों की निरंतर समीक्षा अत्यंत आवश्यक है।

Read More  : Mithun Chakraborty: बिलावल की धमकी पर मिथुन चक्रवर्ती का करारा जवाब, कहा- “ब्रह्मोस चलेगा, गोली नहीं… सुनामी आएगी”

Thetarget365

Share
Published by
Thetarget365

Recent Posts

RCB New Owner: कौन हैं आर्यमान बिड़ला? जिन्हें बनाया गया है दुनिया की सबसे महंगी टीम का बॉस

RCB New Owner: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के आगाज़ से पहले क्रिकेट जगत से…

22 minutes ago

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ी साजिश नाकाम, दक्षिण 24 परगना में 84 देसी बम बरामद

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ…

25 minutes ago

US-Iran Diplomacy: ईरान की दोटूक, कुश्नर-विटकॉफ मंजूर नहीं, जेडी वेंस से सीधी बातचीत की शर्त, क्या टलेगा महायुद्ध?

US-Iran Diplomacy: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अब कूटनीतिक मोर्चे…

35 minutes ago

IRCTC Action: रेलवे का बड़ा फैसला, 3 करोड़ IRCTC अकाउंट्स डिलीट, तत्काल टिकट बुकिंग के बदल गए नियम, जानें नए बदलाव

IRCTC Action: भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वच्छता अभियान…

39 minutes ago

This website uses cookies.