US Defense Budget
US Defense Budget: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष को अब सात हफ्ते बीत चुके हैं। इस लंबी खिंचती जंग ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना मानी जाने वाली अमेरिकी फौज के संसाधनों पर गहरा दबाव डाला है। पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इस युद्ध के कारण उनके मिसाइल और गोला-बारूद के भंडार में खतरनाक गिरावट आई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अमेरिकी रक्षा विभाग ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों और मौजूदा कमी को पूरा करने के लिए अपने 2027 के रक्षा बजट में ऐतिहासिक वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। यह कदम न केवल मौजूदा युद्ध की जरूरतों को पूरा करने के लिए है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व को बनाए रखने की एक अनिवार्य कोशिश भी है।
सीएनएन और एपी जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे इस युद्ध ने अमेरिकी मिसाइल भंडार को लगभग आधा कर दिया है। पिछले सात हफ्तों के दौरान, अमेरिकी सेना ने अपनी ‘प्रिसीजन स्ट्राइक’ मिसाइलों का करीब 45 फीसदी हिस्सा खर्च कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर और थाड (THAAD) सिस्टम को लेकर है, जिनका आधा स्टॉक समाप्त हो चुका है। गौरतलब है कि इन महंगे डिफेंस सिस्टम्स का इस्तेमाल ईरान द्वारा भेजे जा रहे सस्ते लेकिन मारक ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में किया गया है। हथियारों की इतनी तेज खपत ने पेंटागन के रणनीतिकारों की रातों की नींद उड़ा दी है।
सैन्य भंडार में आई इस अभूतपूर्व कमी की भरपाई के लिए पेंटागन ने साल 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के भारी-भरकम रक्षा बजट का प्रस्ताव पेश किया है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा, यानी लगभग 30 अरब डॉलर, केवल महत्वपूर्ण गोला-बारूद और मिसाइल इंटरसेप्टर की तत्काल खरीद के लिए आवंटित करने की मांग की गई है। हालांकि यह बजटीय योजना मध्य पूर्व संकट गहराने से पहले ही तैयार की जा रही थी, लेकिन मौजूदा युद्ध ने इसे ‘प्राथमिकता’ से बदलकर ‘अनिवार्यता’ में तब्दील कर दिया है। अमेरिका अब अपनी रक्षा उत्पादन क्षमताओं को युद्ध स्तर पर बढ़ाने की तैयारी में है।
आधुनिक युद्ध कौशल में आए बदलाव को देखते हुए, पेंटागन ने पहली बार ड्रोन तकनीक और काउंटर-ड्रोन सिस्टम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बजट प्रस्ताव में नए सैन्य ड्रोनों के विकास और खरीद के लिए 74 अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, दुश्मन के ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने वाली ‘काउंटर-ड्रोन’ तकनीक के लिए 21 अरब डॉलर की अलग से मांग की गई है। अमेरिकी सैन्य इतिहास में यह अपनी तरह का सबसे बड़ा निवेश है, जो यह दर्शाता है कि भविष्य के युद्ध अब पारंपरिक हथियारों के बजाय स्वायत्त तकनीकों और रिमोट संचालित प्रणालियों पर अधिक निर्भर होंगे।
पेंटागन केवल हथियारों पर ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन और नौसैनिक शक्ति पर भी निवेश बढ़ा रहा है। नए प्रस्ताव में 44,500 अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती की योजना है, जो कुल सैन्य क्षमता में 2% की वृद्धि करेगी। साथ ही, नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए टोमहॉक क्रूज मिसाइलों की खरीद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल जहां केवल 55 मिसाइलों की मांग थी, उसे इस बार बढ़ाकर 785 कर दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मिसाइलों के इस्तेमाल की वर्तमान गति इतनी तेज है कि औद्योगिक उत्पादन के माध्यम से उनकी तत्काल भरपाई करना एक बड़ी चुनौती होगी। यह बजट प्रस्ताव अब अमेरिकी कांग्रेस में चर्चा का केंद्र बनेगा।
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