PM Kusum Yojana 2026
PM Kusum Yojana 2026: भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन आज भी किसानों के सामने सिंचाई के लिए बिजली और ईंधन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित कटौती किसानों की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान और सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री कुसुम योजना’ (PM-KUSUM) की शुरुआत की है। यह योजना न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनकी आय के नए स्रोत भी खोल रही है।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) योजना साल 2019 में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के माध्यम से सरकार उन इलाकों में सोलर पंप पहुंचा रही है, जहां बिजली की पहुंच कम है या जहां किसान सिंचाई के लिए महंगे डीजल पंपों पर निर्भर हैं। इससे खेती की लागत कम होती है और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचता है।
पीएम कुसुम योजना की सबसे बड़ी खासियत इस पर मिलने वाली सब्सिडी है। सोलर पंप लगाने की कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा वहन किया जाता है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों को 60 से 80 फीसदी तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी राज्य में 70 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है, तो किसान को लागत का केवल 30 प्रतिशत ही खर्च करना होगा। इस बची हुई राशि के लिए भी सरकार बैंकों के माध्यम से सस्ती दरों पर लोन की सुविधा उपलब्ध कराती है, ताकि छोटे किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
यह योजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। इसके तहत किसान अपनी बंजर या कम उपजाऊ जमीन पर सोलर पावर प्लांट भी लगा सकते हैं। एक मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए लगभग 4 से 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। इससे उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली को किसान सरकारी ग्रिड या बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को बेच सकते हैं। इससे किसानों को हर महीने एक निश्चित आय प्राप्त होती है, जो उनकी खेती से होने वाली कमाई के अतिरिक्त है।
पीएम कुसुम योजना का लाभ देश का कोई भी किसान ले सकता है। विशेष रूप से उन किसानों को प्राथमिकता दी जाती है जिनके पास बिजली कनेक्शन नहीं है या जो सिंचाई के लिए पूरी तरह से डीजल इंजन पर निर्भर हैं। व्यक्तिगत किसानों के अलावा, किसानों के समूह, सहकारी समितियां और पंचायतें भी इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के नाम पर खेती योग्य या बंजर भूमि होना अनिवार्य है।
सोलर पंप के लिए आवेदन करने हेतु किसानों को कुछ बुनियादी दस्तावेज तैयार रखने होते हैं। इनमें [Aadhaar Redacted], जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज (खसरा-खतौनी), बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। इच्छुक किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं या अपने नजदीकी कृषि विभाग/विद्युत विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।प्रधानमंत्री कुसुम योजना भारतीय कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, जो सौर ऊर्जा के माध्यम से किसानों के जीवन में समृद्धि ला रही है।
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