PM Narendra Modi : तमिलनाडु की राजनीति में आए ऐतिहासिक बदलाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक बाद, पीएम मोदी ने बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस की गठबंधन राजनीति और उसकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को एक ऐसी पार्टी करार दिया जो सत्ता की खातिर अपने सबसे पुराने सहयोगियों को भी अधर में छोड़ सकती है। उन्होंने तमिलनाडु से लेकर कर्नाटक और केरल तक के राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया।

DMK और कांग्रेस के रिश्तों पर पीएम मोदी का बड़ा बयान
बेंगलुरु में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं की सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों का गहराई से विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 से 30 वर्षों तक कांग्रेस और डीएमके (DMK) के बीच बेहद घनिष्ठ संबंध रहे हैं। 2004 से 2014 के बीच केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को चलाने और उसे संकटों से उबारने में डीएमके की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस के 10 साल के शासन का श्रेय काफी हद तक डीएमके को ही जाता है, लेकिन जैसे ही सियासी हवा बदली, कांग्रेस ने अपनी फितरत दिखा दी।
सत्ता के लालच में सहयोगियों को धोखा देने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने दशकों तक कांग्रेस को सहारा दिया, उसे पहले ही अवसर पर धोखा दे दिया गया। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में चूर कांग्रेस ने डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया है। पीएम मोदी के अनुसार, कांग्रेस अब तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाए रखने के लिए एक नए सहारे की तलाश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास अपने सहयोगियों का इस्तेमाल करने और फिर उन्हें छोड़ देने का रहा है, जिसका ताजा उदाहरण तमिलनाडु के चुनावी नतीजों के बाद देखा जा सकता है।
कर्नाटक की ‘कलह’ और अस्थिरता पर साधा निशाना
तमिलनाडु के साथ-साथ पीएम मोदी ने कर्नाटक की वर्तमान कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सरकार जनहित के कार्यों पर ध्यान देने के बजाय अपने आंतरिक कलह को सुलझाने में ही व्यस्त है। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक यह भी तय नहीं हो पाया है कि मौजूदा मुख्यमंत्री कितने समय तक अपने पद पर बने रहेंगे। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की आपसी गुटबाजी के कारण कर्नाटक का विकास पूरी तरह से ठप हो गया है और जनता की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
केरल, राजस्थान और छत्तीसगढ़ का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
पीएम मोदी ने कांग्रेस की इस कार्यशैली को एक राष्ट्रव्यापी पैटर्न बताया। उन्होंने कहा कि केरल में भी कांग्रेस के भीतर भारी भ्रम की स्थिति है और वे अपने ही नेताओं को धोखा देने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी पार्टी के आंतरिक विवादों ने सरकार की स्थिरता को प्रभावित किया था। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि कर्नाटक के बाद अब केरल में भी यही ‘विश्वासघात का खेल’ दोहराया जा रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस का नेतृत्व केवल वादे करना जानता है, लेकिन उन्हें निभाने के मामले में वह हमेशा विफल रहता है।
मुख्यमंत्री विजय को बधाई और केंद्र के सहयोग का आश्वासन
कड़े राजनीतिक प्रहारों के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को उनके शपथ ग्रहण पर हार्दिक बधाई भी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि वे तमिलनाडु के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।
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