Middle East Crisis 2026
Middle East Crisis 2026: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच बढ़ते भीषण संघर्ष और युद्ध जैसी स्थितियों ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 1 मार्च 2026 (रविवार) की रात 10 बजे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा मध्य-पूर्व में उपजे हालिया घटनाक्रमों का भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा करना है।
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) भारत की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतिम फैसला लेती है। आज रात 10 बजे होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसमें रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में खुफिया एजेंसियों के प्रमुख और सैन्य नेतृत्व भी ब्रीफिंग दे सकते हैं, ताकि खाड़ी देशों में बदलती जमीनी हकीकत का सटीक आकलन किया जा सके।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और उसके बाद ईरान द्वारा साइप्रस व अन्य खाड़ी देशों में किए गए पलटवार ने स्थिति को बेहद नाजुक बना दिया है। भारत के लिए यह क्षेत्र सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। खाड़ी देशों में लगभग 90 लाख भारतीय नागरिक निवास करते हैं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा (कच्चे तेल की आपूर्ति) का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। प्रधानमंत्री मोदी इस बैठक में तेल की कीमतों में संभावित उछाल और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आने वाली बाधाओं से निपटने की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
इज़रायल और खाड़ी देशों के कई हवाई अड्डों के बंद होने और उड़ानों के रद्द होने के कारण हजारों भारतीय वहां फंसे हुए हैं। CCS की इस बैठक में विदेश मंत्रालय द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जा सकती है, जिसमें वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा स्थिति का विवरण होगा। यदि तनाव और बढ़ता है, तो क्या भारत को एक बार फिर ‘वंदे भारत’ या ‘ऑपरेशन गंगा’ जैसा कोई बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना पड़ेगा? इस पर गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। नौसेना और वायुसेना को भी स्टैंडबाय पर रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
भारत ने हमेशा से ही विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की वकालत की है। हालांकि, मौजूदा हालात में जब इज़रायल, अमेरिका, रूस और चीन जैसी महाशक्तियां आमने-सामने हैं, भारत के लिए अपना संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का रुख क्या होना चाहिए। पीएम मोदी खाड़ी देशों के अन्य नेताओं के साथ अपनी बातचीत का फीडबैक भी कैबिनेट के साथ साझा कर सकते हैं, ताकि भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
युद्ध की आहट से वैश्विक शेयर बाजारों में हलचल तेज हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बैठक में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से घरेलू महंगाई पर पड़ने वाले असर और भारतीय रुपए की स्थिरता को लेकर अपना दृष्टिकोण रखेंगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो देश के भीतर आवश्यक वस्तुओं की कमी न हो और अर्थव्यवस्था को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। आज रात की यह बैठक भारत की आगामी विदेश नीति और सुरक्षा तैयारियों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
Read More: Holi 2026: होलिका दहन की रात इन 7 जगहों पर जलाएं दीपक, चमक उठेगी सोई किस्मत
Ambikapur-Kolkata Flight: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के निवासियों के लिए आज का दिन एक बड़ी…
CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में वर्तमान में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। जहां…
Cuba Energy Crisis: तीन महीनों के लंबे और कष्टदायी इंतजार के बाद, गहरे ऊर्जा संकट…
IPL 2026 Points Table: दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026…
Dhurandhar 2 Box Office: बॉलीवुड के पावरहाउस अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर अपनी जबरदस्त…
Trump vs Iran : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अब एक…
This website uses cookies.