India France Agreements : फ्रांस के खूबसूरत नीस शहर में रविवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना था, जिसमें दोनों वैश्विक नेताओं ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और आपसी सहयोग के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की।

आगामी 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य
विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस शिखर वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, स्पेस (अंतरिक्ष) और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया। भारत और फ्रांस ने अगले 5 वर्षों के भीतर अपने आपसी व्यापार को वर्तमान के 16 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों ने एक ‘हाई-लेवल सिस्टम’ और ‘इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग’ की शुरुआत की है, जो आर्थिक मोर्चे पर सप्लाई चेन को मजबूत करने का काम करेगा।

‘भारत इनोवेट्स 2026’ का उद्घाटन और सांस्कृतिक धरोहर का दौरा
द्विपक्षीय बैठक से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ (Bharat Innovates 2026) कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया। इस विशेष कार्यक्रम में भारत, फ्रांस सहित कई अन्य देशों के उभरते स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस सफल कार्यक्रम के समापन के बाद, राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी को नीस के समीप स्थित ऐतिहासिक ‘विला केरीलोस’ घुमाने ले गए, जो फ्रांस की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। इस दौरान दोनों नेताओं की गहरी दोस्ती भी देखने को मिली, जब मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया।
‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत 13 प्रमुख समझौतों की घोषणा
पीएम मोदी की इस आधिकारिक फ्रांस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत सहयोग का दायरा बढ़ाते हुए 13 प्रमुख समझौतों और नतीजों की घोषणा की। ये समझौते मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं:
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इनोवेशन रोडमैप 2030: रिसर्च और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030’ को मंजूरी।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: AI गवर्नेंस के लिए एक संयुक्त ‘भारत-फ्रांस AI वर्किंग ग्रुप’ का गठन।
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कौशल विकास: कानपुर के NSTI में एयरोनॉटिक्स क्षेत्र के लिए ‘नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना।
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डिजिटल पेमेंट: फ्रांस में भारतीय ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (UPI) के नेटवर्क का विस्तार।
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स्टार्टअप इनक्यूबेशन: फ्रांस के मशहूर स्टार्टअप कैंपस ‘स्टेशन F’ में 10 और भारतीय स्टार्टअप्स को जगह।
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डिजिटल साइंस: भारत के DST और फ्रांस के INRIA के बीच ‘सेंटर ऑफ डिजिटल साइंसेज’ की शुरुआत।
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सांस्कृतिक सहयोग: पेरिस-सैकले यूनिवर्सिटी में “AI, इनोवेशन और कल्चर” पर ICCR इंडिया चेयर की स्थापना।
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हेल्थ डेटा रिसर्च: डिजिटल हेल्थ सेक्टर में ICMR और फ्रांस के ‘हेल्थ डेटा हब’ के बीच सहयोग।
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आर्थिक मजबूती: अगले पांच सालों में व्यापार दोगुना करने का तंत्र और ‘इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग’ की शुरुआत।
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रेलवे विकास: भारत में रेलवे और हाई-स्पीड रेल के आधुनिक विकास पर सहमति पत्र।
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गोपनीय सुरक्षा: दोनों देशों के बीच रणनीतिक जानकारी साझा करने के लिए ‘जनरल सिक्योरिटी एग्रीमेंट’।
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अंतरिक्ष अन्वेषण: माइक्रोग्रैविटी रिसर्च और मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए ISRO और फ्रांस के CNES के बीच समझौता।
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का भविष्य और दूरगामी परिणाम
भारत सरकार के अनुसार, ये सभी 13 समझौते दोनों देशों के बीच के रणनीतिक रिश्तों की गहराई को दर्शाते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल हेल्थ, रक्षा सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे भविष्यवादी क्षेत्रों में यह साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर मील का पत्थर साबित होगी। व्यापार को 16 अरब डॉलर से दोगुना करने और आर्थिक सुरक्षा के लिए नया डायलॉग मैकेनिज्म बनाने का फैसला इस दीर्घकालिक विजन को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
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