Pariksha Pe Charcha 2026
Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) 2026 के 9वें संस्करण के माध्यम से देशभर के करोड़ों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। इस वार्षिक आयोजन का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालकर सीखने की प्रक्रिया (Learning) को आनंददायक बनाना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी एक पोस्ट में पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम को अपना पसंदीदा मंच बताया। उन्होंने लिखा कि देश के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ बातचीत करना उन्हें नई ऊर्जा देता है। इस बार के चर्चा के विषय बेहद दिलचस्प रहे, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और भविष्य के लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को देश के भविष्य से जोड़ते हुए एक बड़ा लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा, “जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब आप लोग अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव (39-40 वर्ष) पर होंगे। जिस तरह भगत सिंह ने आजादी का सपना देखा और बलिदान दिया, उसी तरह आपको आज से ही ‘विकसित भारत’ को अपना सपना बनाना चाहिए।” पीएम ने प्रेरित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए हर छात्र को अभी से अपनी भूमिका तय करनी होगी, ताकि 2047 तक भारत एक वैश्विक शक्ति बन सके।
प्रस्तुति (Presentation) और इंटरव्यू के डर को दूर करने के लिए पीएम मोदी ने एक अनूठा उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर रहने वाली एक गरीब महिला भी जब कैमरे के सामने कोई आपबीती सुनाती है, तो वह पूरे आत्मविश्वास के साथ बोलती है। पीएम ने समझाया, “उस महिला ने कोई इंटरव्यू की ट्रेनिंग नहीं ली है, उसका आत्मविश्वास ‘सच्चाई’ से आता है। जब आप जो कर रहे हैं या जो कह रहे हैं, उस पर आपको भरोसा होता है, तो डर अपने आप भाग जाता है।” उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने परिश्रम पर विश्वास रखें।
शिक्षा व्यवस्था में केवल अंकों (Marks) की होड़ पर चिंता जताते हुए पीएम ने इसे एक ‘बीमारी’ बताया। उन्होंने छात्रों से पूछा, “क्या आपको पिछले साल के टॉपर्स के नाम याद हैं? अंकों की उपलब्धि क्षणिक होती है।” उन्होंने जोर दिया कि असली उपलब्धि यह है कि पढ़ाई ने आपके जीवन और व्यक्तित्व को कैसे बदला है। गेमिंग में रुचि रखने वाले एक छात्र (श्रीजीत गाडगिल) को जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि भारत कहानियों का देश है। उन्होंने छात्रों को पंचतंत्र और अभिमन्यु जैसी पौराणिक कथाओं पर आधारित स्वदेशी गेम्स विकसित करने और उन्हें वैश्विक स्तर पर लॉन्च करने के लिए प्रोत्साहित किया।
जब एक छात्र ने कौशल (Skill) और अंकों (Marks) के बीच चुनाव करने का सवाल किया, तो पीएम मोदी ने इसे संतुलन का विषय बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से किसी एक का चुनाव करना सही नहीं है; जीवन में आगे बढ़ने के लिए दोनों के बीच तालमेल बिठाना जरूरी है। वहीं, सीखने की गति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक की गति तेज लगे, तो छात्रों को घबराने के बजाय उनसे एक कदम आगे रहने की तैयारी करनी चाहिए।
2026 का ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बनकर उभरा है। इस साल कुल भागीदारी 6.76 करोड़ के पार पहुंच गई है, जिसमें 4.5 करोड़ रजिस्टर्ड प्रतिभागी शामिल हैं। पीएम मोदी ने इस बार दिल्ली, कोयंबटूर, रायपुर, देव मोगरा और गुवाहाटी जैसे विभिन्न स्थानों पर जाकर छात्रों से सीधा संवाद किया। खास बात यह है कि इस एपिसोड को अब सोनी लिव, प्राइम वीडियो और ज़ी-5 जैसे बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी देखा जा सकता है, जिससे इसकी पहुंच और व्यापक हो गई है।
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