PM Modi on Anti Paper Leak Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से एक बार फिर देर रात वीडियो संदेश जारी किया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने चौथे वीडियो में उन्होंने पेपर लीक की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है और इस दिशा में राज्यों के सुझावों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

पेपर लीक को बताया छात्रों के भविष्य पर बड़ा खतरा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों के सपनों को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में यह समस्या सामने आती रही है और इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। इसलिए अब समय आ गया है कि इस चुनौती से निपटने के लिए व्यापक और प्रभावी सुधार किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली मिल सके।

सरकार ने उठाए कई सख्त कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले ढाई महीनों के दौरान सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उनके अनुसार, पेपर लीक से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से ऐसे नेटवर्क की पहचान करने का काम भी जारी है, जो परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
टास्क फोर्स और तकनीक के बेहतर उपयोग पर जोर
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यों से प्राप्त सुझावों को भी नई व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है, ताकि पूरे देश में एक समान, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा तंत्र विकसित किया जा सके। उनका कहना था कि केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सुधार भी उतने ही जरूरी हैं।
कड़े कानूनों की आवश्यकता पर दिया बल
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर माफिया और परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से सरकार ने संसद में एक विधेयक प्रस्तुत किया था। इस विधेयक पर दोनों सदनों में व्यापक चर्चा हुई और सांसदों की भागीदारी के बाद इसे पारित कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने इसे विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust! pic.twitter.com/OEvLKXoUaf
— Narendra Modi (@narendramodi) July 30, 2026
22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि सरकार ने सीमित समय के भीतर लगभग 22 लाख विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा कराने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद उसके परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं और देशभर से सफल विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उनके अनुसार, सरकार का प्रयास था कि प्रभावित छात्रों का शैक्षणिक भविष्य किसी भी तरह प्रभावित न हो।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट व्यवस्था पर भी किया जोर
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल दोबारा परीक्षा आयोजित करने तक सीमित नहीं रहना चाहती। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए संबंधित विभागों को फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। उनके अनुसार, विभागों ने इस संबंध में विस्तृत मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। इस प्रस्ताव में मामलों के शीघ्र निपटारे और दोषियों के खिलाफ कठोर दंड के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए शिक्षा सुधार जरूरी
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों, छात्रों, अभिभावकों और सभी संबंधित पक्षों से इस दिशा में सहयोग की अपील की। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास, तकनीक के बेहतर उपयोग और सख्त कानूनों के जरिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सकेगा, जिससे देश के युवाओं का भविष्य और अधिक मजबूत होगा।












