PM Modi Vision 2047
PM Modi Vision 2047: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ (India AI Impact Summit) का भव्य उद्घाटन किया। 20 फरवरी तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के दिग्गज टेक लीडर्स और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता (Consumer) नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के तीन शीर्ष एआई सुपरपावर्स में से एक बनकर उभरेगा। समिट का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देना और इसके संभावित खतरों पर वैश्विक सहमति बनाना है।
ANI को दिए एक विशेष इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई आज ‘सभ्यतागत बदलाव’ (Civilizational Change) के बिंदु पर खड़ा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जहाँ एआई मानवीय क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है, वहीं बिना उचित दिशा-निर्देशों के यह सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए चुनौती भी बन सकता है। पीएम ने जोर दिया कि भारत की सभ्यता ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की प्रेरणा देती है, इसलिए तकनीक का प्राथमिक उद्देश्य मानवता की सेवा होनी चाहिए, न कि उसे प्रतिस्थापित करना।
प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में एआई की भूमिका को ‘गेम चेंजर’ बताया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एआई आधारित समाधानों की मदद से अब टीबी और डायबिटीज जैसी बीमारियों की पहचान शुरुआती चरणों में ही संभव हो पा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में, एआई पावर्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्रोग्राम भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में छात्रों को कस्टमाइज्ड शैक्षणिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। यह तकनीक समावेशी विकास (Inclusive Growth) के नए द्वार खोल रही है।
पीएम मोदी ने भारत के डिजिटल मॉडल की सफलता का श्रेय इसके ओपन और इंटरऑपरेबल आर्किटेक्चर को दिया। उन्होंने कहा कि आधार और यूपीआई जैसी सफलताएं आकस्मिक नहीं हैं, बल्कि ये कुछ सिद्धांतों पर टिकी हैं। जब एआई को भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा जाएगा, तो गवर्नेंस और भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो जाएगी। इससे धोखाधड़ी पकड़ने (Fraud Detection), बुनियादी ढांचे के रखरखाव और शहरी नियोजन में व्यापक मदद मिलेगी, जिससे आम नागरिक का जीवन सुगम होगा।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत में एआई का विजन तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है—संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के युवा ऐसे एआई समाधान विकसित करेंगे जो किसानों, एमएसएमई (MSME) और महिला उद्यमियों की विशिष्ट समस्याओं को हल करेंगे। पीएम ने कहा कि हमारा लक्ष्य भारत को केवल एआई उपयोगकर्ता बनाना नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई मॉडल्स का निर्यातक बनाना है।
इस साल के केंद्रीय बजट में भी एआई पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम मोदी का विजन है कि भारतीय एआई स्टार्टअप्स दुनिया भर में अरबों लोगों के लिए मूल्य (Value) पैदा करें और लाखों हाई-क्वालिटी नौकरियां सृजित करें। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से मैन्युफैक्चरिंग और गवर्नेंस को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे न केवल आर्थिक वृद्धि होगी बल्कि भारत तकनीकी रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा।
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