Modi Meloni Book: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को एक खास और यादगार तोहफा दिया है। उन्होंने मेलोनी की आत्मकथा ‘आई एम जॉर्जिया – माई रूट्स, माई प्रिंसिपल्स’ के हिंदी संस्करण के लिए फॉरवर्ड (प्रस्तावना) लिखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस आत्मकथा को मेलोनी की “मन की बात” बताया है और इसे लिखना अपने लिए एक सम्मानजनक अनुभव कहा है। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने भी इसके लिए पीएम मोदी का आभार जताया है।
मेलोनी की यह आत्मकथा सबसे पहले 2021 में इटली भाषा में प्रकाशित हुई थी, और इसे पाठकों का जबरदस्त समर्थन मिला, जिससे यह बेस्ट सेलर बन गई। इसके अंग्रेज़ी संस्करण को जून 2025 में लॉन्च किया गया, जिसका फॉरवर्ड डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने लिखा था। अब इसका हिंदी संस्करण आने वाला है, जिससे भारतीय पाठकों को मेलोनी के संघर्ष और विचारों को जानने का अवसर मिलेगा।
आत्मकथा में क्या है खास?
288 पन्नों की इस आत्मकथा में मेलोनी ने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया है। इसमें उनके बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक की संघर्षपूर्ण यात्रा को विस्तार से बताया गया है। मेलोनी ने अपने पारिवारिक जीवन, पिता के छोड़कर चले जाने के बाद मां द्वारा उठाई गई जिम्मेदारियां, और एक सामान्य सी दिखने वाली लड़की से देश की सबसे युवा मंत्री और फिर प्रधानमंत्री बनने तक की कहानी को बेहद संवेदनशीलता से पेश किया है।
उन्होंने बताया कि कैसे 15 साल की उम्र में उन्होंने सोशल मूवमेंट से जुड़ाव शुरू किया, अपनी राजनीतिक पार्टी की स्थापना की और वर्ष 2022 में इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
मोदी और मेलोनी के विचारों की समानता
प्रधानमंत्री मोदी ने फॉरवर्ड में लिखा है कि मेलोनी की यह आत्मकथा किसी “मन की बात” की तरह है, जिसमें एक नेता अपने दिल की बात जनता से साझा करता है। उन्होंने इसे भारतीय मूल्यों और विचारों से जुड़ा हुआ बताया। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने इसे “कंज़र्वेटिव रिवॉल्यूशन” (रूढ़िवादी क्रांति) का प्रतीक माना था।
भारत-इटली संबंधों में एक नया अध्याय
मेलोनी की किताब के हिंदी संस्करण में पीएम मोदी का प्रस्तावना लिखना केवल साहित्यिक सौहार्द नहीं, बल्कि भारत और इटली के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत भी माना जा रहा है। दोनों नेताओं की वैश्विक मंचों पर अच्छी कैमिस्ट्री भी इस बात को दर्शाती है। जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा अब हिंदी भाषी पाठकों के लिए भी उपलब्ध होने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावना इसे और भी विशेष बनाती है। यह किताब न केवल एक महिला नेता के संघर्ष की कहानी है, बल्कि यह आज की राजनीतिक विचारधाराओं और मूल्यों का भी प्रतिबिंब है।
Read More : PoK Protest 2025: पाक अधिकृत कश्मीर में फूटा जनाक्रोश, अवाम ने शाहबाज सरकार के खिलाफ किया बगावत का ऐलान
Modi Meloni Book: प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा के हिंदी संस्करण के लिए लिखा फॉरवर्ड, कहा – यह ‘मन की बात’ जैसी है
Modi Meloni Book: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को एक खास और यादगार तोहफा दिया है। उन्होंने मेलोनी की आत्मकथा ‘आई एम जॉर्जिया – माई रूट्स, माई प्रिंसिपल्स’ के हिंदी संस्करण के लिए फॉरवर्ड (प्रस्तावना) लिखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस आत्मकथा को मेलोनी की “मन की बात” बताया है और इसे लिखना अपने लिए एक सम्मानजनक अनुभव कहा है। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने भी इसके लिए पीएम मोदी का आभार जताया है।
मेलोनी की यह आत्मकथा सबसे पहले 2021 में इटली भाषा में प्रकाशित हुई थी, और इसे पाठकों का जबरदस्त समर्थन मिला, जिससे यह बेस्ट सेलर बन गई। इसके अंग्रेज़ी संस्करण को जून 2025 में लॉन्च किया गया, जिसका फॉरवर्ड डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने लिखा था। अब इसका हिंदी संस्करण आने वाला है, जिससे भारतीय पाठकों को मेलोनी के संघर्ष और विचारों को जानने का अवसर मिलेगा।
आत्मकथा में क्या है खास?
288 पन्नों की इस आत्मकथा में मेलोनी ने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया है। इसमें उनके बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक की संघर्षपूर्ण यात्रा को विस्तार से बताया गया है। मेलोनी ने अपने पारिवारिक जीवन, पिता के छोड़कर चले जाने के बाद मां द्वारा उठाई गई जिम्मेदारियां, और एक सामान्य सी दिखने वाली लड़की से देश की सबसे युवा मंत्री और फिर प्रधानमंत्री बनने तक की कहानी को बेहद संवेदनशीलता से पेश किया है।
उन्होंने बताया कि कैसे 15 साल की उम्र में उन्होंने सोशल मूवमेंट से जुड़ाव शुरू किया, अपनी राजनीतिक पार्टी की स्थापना की और वर्ष 2022 में इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
मोदी और मेलोनी के विचारों की समानता
प्रधानमंत्री मोदी ने फॉरवर्ड में लिखा है कि मेलोनी की यह आत्मकथा किसी “मन की बात” की तरह है, जिसमें एक नेता अपने दिल की बात जनता से साझा करता है। उन्होंने इसे भारतीय मूल्यों और विचारों से जुड़ा हुआ बताया। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने इसे “कंज़र्वेटिव रिवॉल्यूशन” (रूढ़िवादी क्रांति) का प्रतीक माना था।
भारत-इटली संबंधों में एक नया अध्याय
मेलोनी की किताब के हिंदी संस्करण में पीएम मोदी का प्रस्तावना लिखना केवल साहित्यिक सौहार्द नहीं, बल्कि भारत और इटली के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत भी माना जा रहा है। दोनों नेताओं की वैश्विक मंचों पर अच्छी कैमिस्ट्री भी इस बात को दर्शाती है। जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा अब हिंदी भाषी पाठकों के लिए भी उपलब्ध होने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावना इसे और भी विशेष बनाती है। यह किताब न केवल एक महिला नेता के संघर्ष की कहानी है, बल्कि यह आज की राजनीतिक विचारधाराओं और मूल्यों का भी प्रतिबिंब है।
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