PM Modi China Japan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को जापान की यात्रा के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत-चीन सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे दो विश्व के बड़े पड़ोसी देशों का मिलकर काम करना वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘द योमिउरी शिंबुन’ को दिए साक्षात्कार में बताया कि पिछले वर्ष कज़ान में राष्ट्रपति शी चिनफिंग से हुई बैठक के बाद भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, “दो पड़ोसी और विश्व के दो सबसे बड़े देश होने के नाते, भारत और चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमानित और सौहार्दपूर्ण संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं समृद्धि के लिए फायदेमंद होंगे। यह बहुध्रुवीय एशिया और विश्व के लिए भी आवश्यक है।”
मोदी ने यह भी बताया कि शी चिनफिंग के निमंत्रण पर वह तियानजिन जाएंगे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि भारत आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए तैयार है, ताकि दोनों देशों के विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान मिल सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान सरकार की ‘निर्बाध और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र’ की अवधारणा को भारत की ‘विजन महासागर’ और ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनीशिएटिव’ से जोड़ते हुए कहा कि दोनों देशों की सोच में गहरा सामंजस्य है। उन्होंने कहा, “हम दोनों देश ऐसे क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां सभी देशों की भूभागीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान हो।”
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा सिद्धांतपरक और मानवीय रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने दोनों राष्ट्रपतियों व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत की है और संवाद व कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया है। मोदी ने कहा, “भारत ऐसे सभी प्रयासों का समर्थन करने को तैयार है, जिनका उद्देश्य संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालना हो।”
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ग्लोबल साउथ’ के महत्व पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को 2030 तक पूरा करने के लिए ग्लोबल साउथ की प्राथमिकता आवश्यक है। “ग्लोबल साउथ के देशों को महामारी, संघर्ष, और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनका असर उनकी विकास प्राथमिकताओं पर पड़ता है।”
मोदी ने कहा कि भारत ने वैश्विक मंचों पर ग्लोबल साउथ के हितों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को इस मंच में शामिल करना इसका उदाहरण है। इसके अलावा, ‘ब्रिक्स’ और ‘क्वाड’ जैसे अंतरराष्ट्रीय समूहों के माध्यम से भी भारत इस क्षेत्र के देशों के विकास के लिए काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘ब्रिक्स’ उभरती अर्थव्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है, जहां साझा हितों पर चर्चा और सहयोग होता है। इसमें अब ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान जैसे देश भी शामिल हैं।
‘क्वाड’ के बारे में उन्होंने बताया कि यह भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का एक रणनीतिक साझेदारी समूह है, जो स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। मोदी ने कहा, “पिछले दो दशकों में ‘क्वाड’ वैश्विक हितों की एक ताकत बनकर उभरा है और क्षेत्र के लोगों के लिए सकारात्मक परिणाम देने में सफल रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक बहुपक्षीय संस्थाओं में तत्काल और समग्र सुधार की मांग की ताकि वे वर्तमान भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्यों को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सकें। उन्होंने कहा, “भारत इस दिशा में लगातार सक्रिय है और वैश्विक स्थिरता, समृद्धि तथा शांति के लिए काम कर रहा है।”
Read More : UP Home Guard Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश में 44,000 होमगार्ड पदों पर भर्ती, योगी सरकार की बड़ी पहल
Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: आज 10 मई 2026 दिन रविवार है. पंचांग और…
Vijay CM Oath : तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में शनिवार, 9 मई 2026 का दिन…
Ambikapur Skeleton Case : छत्तीसगढ़ के धौरपुर थाना क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने…
Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता के शीर्ष तक पहुँचने का सफर…
iPhone 17 Pro Max : अगर आप एक प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने का मन बना रहे…
Chirmiri Ram Katha : छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में भक्ति और आध्यात्म का एक बड़ा सैलाब…
This website uses cookies.