PoK Drone Attack : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बार फिर पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पीओके के रावलकोट इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर नागरिकों के घरों को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमला किया। इसके साथ ही इलाके में अंधाधुंध गोलीबारी किए जाने का भी दावा किया गया है। इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि पांच अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों और हमले की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
रावलकोट में नागरिक के घर को बनाया गया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने रावलकोट निवासी एक नागरिक के घर पर ड्रोन से हमला किया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया और सैन्य कार्रवाई के दौरान अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हमले से प्रभावित परिवारों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद स्थानीय निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

सात लोगों की मौत और पांच घायल होने का दावा
इस कथित सैन्य कार्रवाई में सात लोगों की जान जाने और पांच लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। घायलों को उपचार की आवश्यकता बताई जा रही है। हालांकि, मृतकों और घायलों की पहचान, उनकी उम्र तथा घटना में उनकी भूमिका को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक जानकारी और स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होगी।

JAAC ने पाकिस्तानी सेना से सैन्य अभियान रोकने की मांग की
इस घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने भी गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह पीओके में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को तत्काल रोके। कमेटी का कहना है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई में आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नागरिक इलाकों में सैन्य गतिविधियों और कथित हमलों को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। संगठन की अपील के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रावलकोट की तस्वीरें और वीडियो
रावलकोट में कथित ड्रोन हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई तस्वीरें और वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इन पोस्ट में इलाके में हमले के बाद बने हालात और लोगों के बीच फैली दहशत को दिखाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री की प्रामाणिकता और उसकी वास्तविक तारीख की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इन तस्वीरों और वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

मोबाइल इंटरनेट बंद होने का भी किया जा रहा दावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद रावलकोट और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। यदि यह दावा सही है, तो इससे प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अपने परिजनों से संपर्क करना और घटना की जानकारी साझा करना मुश्किल हो सकता है। इंटरनेट बंद होने के कारण घटनास्थल से वास्तविक स्थिति की जानकारी बाहर पहुंचने में भी बाधा आने की आशंका है। हालांकि, इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पीओके में बढ़ते तनाव के बीच नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने पाकिस्तानी सेना पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने और बड़े पैमाने पर हिंसा करने के आरोप लगाए हैं। रावलकोट की घटना ने एक बार फिर पीओके में आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कथित हमले में जान गंवाने वाले सात लोगों की पहचान कब सामने आएगी और घायल पांच लोगों की स्थिति कैसी है। साथ ही, पाकिस्तानी प्रशासन और सेना की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

