Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों ‘एक दिन के मुख्यमंत्री’ को लेकर जबरदस्त जुबानी जंग छिड़ी हुई है। इस राजनीतिक नोकझोंक की शुरुआत बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के तंज से हुई, जिन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव को ‘एक दिन का मुख्यमंत्री’ बनाने की ‘परोपकारी पेशकश’ कर डाली। इसके जवाब में सिंह देव, कांग्रेस और राज्य सरकार के मंत्री आमने-सामने आ गए हैं।

चंद्राकर का तंज: “एक दिन का सीएम बना देंगे”
बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा “कांग्रेस में तो उन्हें (टीएस सिंह देव) कुछ मिलेगा नहीं, इसलिए हम उनकी मुख्यमंत्री बनने की हसरत पूरी कर देते हैं। जैसे एक दिन के लिए कलेक्टर बनाया जाता है, वैसे ही हम उन्हें एक दिन का मुख्यमंत्री बना देंगे। कोई हसरत लेकर ऊपर नहीं जाना चाहिए।”यह बयान तेजी से वायरल हुआ और इसके साथ ही राजनीतिक पारा भी चढ़ गया।

टीएस बाबा का पलटवार
टीएस सिंह देव ने चंद्राकर के बयान का जवाब उतनी ही चुटकी के साथ दिया। उन्होंने कहा,“मैं उनका बहुत-बहुत आभार जताता हूं। शपथ लेने को तैयार हूं, बस दो चीजें चाहिए – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का इस्तीफा और राज्यपाल की मंजूरी। अगर ये दोनों चीजें मिल जाएं, तो मैं खुद चंद्राकर जी के घर जाकर धन्यवाद दूंगा।”टीएस बाबा का यह जवाब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल का कटाक्ष: “CM अब सिर्फ मूवी में ही बनेंगे”
बयानबाजी में अब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कूद पड़े हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,“जब कांग्रेस के पास 72 सीटें थीं, तब भी टीएस सिंह देव मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, अब जब बीजेपी सत्ता में है तो उनके पास और कोई रास्ता नहीं बचा। अब तो वो ‘नायक’ फिल्म की तरह सिर्फ मूवी में ही सीएम बन सकते हैं।”जायसवाल के इस बयान ने सियासी गर्मी को और बढ़ा दिया है।
कांग्रेस का पलटवार: “बीजेपी की गुटबाज़ी उजागर”
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूरे घटनाक्रम को बीजेपी की आंतरिक गुटबाज़ी का संकेत बताया। उन्होंने कहा,“वास्तव में अजय चंद्राकर ने विष्णु देव साय के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की आड़ लेकर अपनी बात रखी है कि सीएम बदले जाने चाहिए। बीजेपी के भीतर नेतृत्व को लेकर भ्रम और खींचतान है, जो अब खुलकर सामने आ गई है।”‘एक दिन के मुख्यमंत्री’ की बहस अब राजनीतिक बयानबाज़ी से आगे बढ़कर दलगत मतभेदों और नेतृत्व संकट की ओर इशारा कर रही है। टीएस सिंह देव को लेकर बीजेपी का तंज और कांग्रेस का पलटवार, दोनों ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है।अब देखने वाली बात यह होगी कि ये तंज और जवाबों की जंग महज मीडिया की सुर्खियां बनकर रह जाती है या इसका असर छत्तीसगढ़ की राजनीति में कोई बड़ा मोड़ लाता है।











