Ambikapur News : मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान फार्म-7 के जरिए बड़ी संख्या में नाम कटवाने के कथित प्रयास को लेकर जिले की सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार नायक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और वैध मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने संगठित तरीके से फार्म-7 का उपयोग कर हजारों मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन लगाए। पार्टी के मुताबिक, अकेले अंबिकापुर शहर में 1143 नामों को “मतदाता मौजूद नहीं है” बताकर कटवाने का आवेदन दिया गया। इन आवेदनों में नगर निगम अंबिकापुर के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के भाई रफी अहमद, पार्षद कलीम अंसारी के पुत्र व भतीजा, पार्षद हसन खान और उनकी पत्नी, पूर्व पार्षद नुजहत फातिमा, परवेज आलम सहित कई लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन दिए गए, वे भौतिक सत्यापन के बाद SIR की ड्राफ्ट सूची में पहले से शामिल हैं। ऐसे में झूठे शपथपत्र देकर वैध मतदाताओं का नाम कटवाने का प्रयास किया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि संबंधित मतदान केंद्र के बीएलए (BLA) की मौजूदगी में सभी आवेदनों का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में आवेदन गलत जानकारी पर आधारित पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 212 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 31 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार नायक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बिना भौतिक सत्यापन के ड्राफ्ट सूची में शामिल किसी भी मतदाता का नाम विलोपित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि फार्म-7 के जरिए गलत जानकारी प्रस्तुत करने की पुष्टि होती है, तो विधिक अभिमत लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पीसीसी उपाध्यक्ष जे.पी. श्रीवास्तव, पीसीसी महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, मो. इस्लाम, विनय शर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल, राशिद अहमद, शैलेंद्र सोनी, जमील खान, हसन खान, मेराज रंगरेज, गुरूप्रीत सिंह, जीवन यादव, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, सोहन जायसवाल, नरेंद्र विश्वकर्मा, अविनाश कुमार, विकास केशरी, दिनेश शर्मा, अख्तर चम्मा सहित बड़ी संख्या में प्रभावित मतदाता मौजूद रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पार्टी के बूथ लेवल एजेंट्स और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि फर्जी आवेदनों के खिलाफ संबंधित थानों में अपराध दर्ज कराएं। बताया गया है कि जिलेभर में इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि पुलिस इस मामले में असंज्ञेय अपराध के रूप में प्रकरण दर्ज कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यदि पुलिस कार्रवाई में देरी होती है, तो सनहा के आधार पर न्यायालय में परिवाद दायर कर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
फिलहाल, मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बीच उठे इन आरोपों ने जिले में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।
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