उदयपुर@thetarget365 : सरगुजा जिले के उदयपुर मुख्यालय अंतर्गत महाकवि कालीदास की रचना स्थली एवं पुरातत्व धरोहर रामगढ़ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले रामगढ़ मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह मेला क्षेत्रीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं।
रामगढ़ मेला की तैयारी में रामगढ़ सेवा समिति और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने करीब 10 दिन पहले से ही पूरी लगन के साथ कार्य शुरू कर दिया था। तैयारी के अंतर्गत सबसे पहले रामगढ़ परिसर में लगी आग को बुझाने के बाद सीता बैंगरा, खालतुर्रा और शीर्ष पहाड़ पर स्थित मंदिर प्रांगण की सफाई की गई। वहीं जानकी तालाब और चंदन तालाब की सफाई कर, उसे आकर्षक रूप दिया गया। साथ ही राम जानकी मंदिर, दुर्गा गुफा और अन्य मंदिरों की परिसज्जा की गई।समिति ने दुकानों को व्यवस्थित तरीके से लगाने के लिए चुना मार्किंग कर जगह निर्धारित की।रामगढ़ मेला में दुकानों और झूलों की स्थापना शुरू हो चुकी है। व्यापारियों और स्टॉल संचालकों ने अपनी दुकानें लगाना शुरू कर दिया है। बच्चों और युवाओं के लिए बड़ा झूला, ड्रैगन झूला और अन्य रोमांचक झूले लगाए जा रहे हैं, जिससे मेले में और अधिक आकर्षण बढ़ेगा।
मेले में दुकान लगाने और स्थान आवंटन हेतु पहले से ही रसीद जारी की जा रही है। वन प्रबंधन समिति द्वारा मेले से संबंधित टैक्स की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के पूरे 9 दिनों तक रामगढ़ मेला आयोजित किया जाएगा। धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
रामगढ़ मेला केवल एक व्यापारिक और सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं, बल्कि एक धार्मिक आयोजन भी है। यह स्थान महाकवि कालीदास की ऐतिहासिक रचना स्थली होने के कारण भी प्रसिद्ध है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
रामगढ़, महाकवि कालीदास की प्रसिद्ध रचना “मेघदूत” की प्रेरणा स्थली मानी जाती है। यहां स्थित सीता बैंगरा गुफा, दुर्गा गुफा और अन्य पुरातात्विक धरोहरें इसे ऐतिहासिक रूप से समृद्ध बनाती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु, इतिहास प्रेमी और पर्यटक इस मेले में शामिल होते हैं।
रामगढ़ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा हेतु प्रशासन की ओर से यातायात, जल आपूर्ति, बिजली, सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
रामगढ़ मेला न केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। इस ऐतिहासिक धरोहर स्थल पर हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला समाज के सभी वर्गों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है।
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