Priyanka Gandhi : वायनाड की सांसद और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपने संसदीय क्षेत्र की स्वास्थ्य परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने केरल में लंबे समय से लंबित एम्स (AIIMS) की स्थापना की मांग को भी दोहराया। प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा, “उन्होंने हमारी सभी मांगों को सुना और हमारे साथ खुलकर चर्चा की। मुझे विश्वास है कि इन ज्वलंत मुद्दों पर उचित विचार किया जाएगा।”

आदिवासी आबादी के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
बैठक में प्रियंका गांधी के साथ पार्टी के अन्य स्थानीय नेता भी मौजूद थे। उन्होंने वायनाड की आदिवासी आबादी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर बल दिया। प्रियंका गांधी ने कहा, “वायनाड में कुछ स्वास्थ्य परियोजनाओं में तेजी लाने का अनुरोध किया और मनंतवडी में मेडिकल कॉलेज के अभाव में स्थानीय लोगों को हो रही कठिनाइयों की जानकारी दी, जो अभी तक शुरू नहीं हुआ है।”

जानवरों के हमलों पर ट्रॉमा सेंटर की मांग
प्रियंका गांधी वाड्रा ने बैठक में यह भी कहा कि वायनाड में बार-बार होने वाले जंगली जानवरों के हमलों से निपटने के लिए विशेष ट्रॉमा सेंटर की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “आदिवासी समुदाय की विशिष्ट स्वास्थ्य समस्याओं, लंबित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) निधि और क्षेत्र में बार-बार हो रहे जानवरों के हमलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार जरूरी है।”
केरल में एम्स की पुरानी मांग
कांग्रेस सांसद ने इस दौरान केरल में एम्स की स्थापना की पुरानी मांग को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मनंतवडी स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं की कमी एक पुराना मुद्दा है, जिसे स्थानीय लोग लगातार उठा रहे हैं। केरल लंबे समय से ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) जैसी शीर्ष चिकित्सा संस्था की मांग करता रहा है, ताकि राज्यवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
मेडिकल कॉलेज में देरी पर चिंता
प्रियंका गांधी ने मनंतवडी मेडिकल कॉलेज के निर्माण और संचालन में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कॉलेज के न शुरू होने से वायनाड के निवासियों को गंभीर चिकित्सा संकट झेलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से कॉलेज के निर्माण और सुविधाओं को शुरू करने की घोषणाएं होती रही हैं, लेकिन अभी तक इसे पूरी तरह कार्यात्मक नहीं बनाया जा सका है।
राहुल गांधी ने भी उठाया था मुद्दा
गौरतलब है कि पिछले साल वायनाड के तत्कालीन सांसद राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा था। एक हाथी के हमले में मारे गए व्यक्ति के परिवार से मिलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं और समय पर उपचार न मिलने से पीड़ित की मौत हो गई। राहुल गांधी ने उस वक्त मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज के निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग की थी।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें
वायनाड की जनता अब प्रियंका गांधी वाड्रा से उम्मीद लगाए बैठी है कि वह अपने प्रयासों से न केवल अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगी, बल्कि राज्य को एम्स जैसी उच्च स्तरीय सुविधा भी दिला पाएंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर केरल को एम्स मिलता है तो इससे न सिर्फ वायनाड बल्कि पूरे राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलकर वायनाड और पूरे केरल के स्वास्थ्य ढांचे को लेकर अहम मुद्दे उठाए हैं। एम्स की स्थापना, मनंतवडी मेडिकल कॉलेज का संचालन और आदिवासी आबादी के लिए विशेष सुविधाएं इन चर्चाओं के केंद्र में रहीं। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पर कितनी तेजी से कदम उठाती है।











