Qatar Iran News
Qatar Iran News: मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। दोहा (कतर) ने ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों के जवाब में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए उसके दूतावास के महत्वपूर्ण अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर दिया है। इस आदेश के तहत ईरानी दूतावास के सैन्य अटैची, सुरक्षा अटैची और इन दोनों दफ्तरों के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से कतर छोड़ने को कहा गया है। कतर सरकार ने इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को केवल 24 घंटे की समयसीमा दी है। यह कदम कतर और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के अनुसार, प्रोटोकॉल डायरेक्टर इब्राहिम यूसुफ फखरो ने ईरान के राजदूत अली सालेहाबादी को मंत्रालय में तलब किया। इस बैठक के दौरान ईरानी राजदूत को वह आधिकारिक नोट सौंपा गया जिसमें उनके स्टाफ के निष्कासन और देश छोड़ने के आदेश का उल्लेख था। कतर की यह कार्रवाई दर्शाती है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।
तनाव की मुख्य वजह बुधवार रात को फारस की खाड़ी में स्थित तेल और गैस क्षेत्रों पर हुए जोरदार हमले हैं। कतर के महत्वपूर्ण ‘रास लफानी’ (Ras Laffan) इंडस्ट्रियल सिटी स्थित गैस फील्ड में इन हमलों के बाद भीषण आग लग गई। कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान द्वारा बार-बार कतर को निशाना बनाना और खुलेआम हमले करना उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 और अच्छे पड़ोसी होने के वैश्विक सिद्धांतों के खिलाफ है।
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश दिया है कि यदि ईरान की ओर से ऐसी शत्रुतापूर्ण और आक्रामक गतिविधियां जारी रहती हैं, तो वह और भी कड़े प्रतिशोधात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम अपनी संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा हर हाल में करेंगे।” कतर ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसे हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार प्राप्त है। यह बयान भविष्य में संभावित सैन्य या कूटनीतिक जवाबी कार्रवाई का संकेत देता है।
हमलों के बाद कतर के गृह मंत्रालय और ‘कतर एनर्जी’ की टीमें सक्रिय हो गई हैं। रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में लगी आग को बुझाने के लिए सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। कतर एनर्जी के मुताबिक, इमरजेंसी रिस्पांस प्रोटोकॉल के तहत सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, दूसरी ओर सऊदी अरब के ऊपर भी हवाई हमले किए गए, जिन्हें वहां की डिफेंस प्रणालियों ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। खाड़ी क्षेत्र में मंडराते इस युद्ध के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
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