Rahul Gandhi Akashvani : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला। गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग से मिलने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने की मांग की। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए इस मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर विपक्षी नेताओं को रोका
चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। इसी दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और वहां तिरंगा लहराया। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया।
हिरासत के बाद बस के आसपास जुटे कांग्रेस सांसद
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस की बस में बैठाया गया। इस दौरान कांग्रेस के कई सांसद बस के आसपास पहुंच गए और उन्होंने बस को चारों तरफ से घेर लिया। कांग्रेस सांसदों ने आगे खड़े होकर विरोध जताया और नेताओं को आगे ले जाने से रोकने की कोशिश की। कुछ समय बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरकर आकाशवाणी भवन की ओर चले गए।
आकाशवाणी भवन में पेड़ के नीचे धरने पर राहुल-प्रियंका
आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पेड़ के नीचे बैठकर धरने पर बैठ गए। बताया गया कि राहुल गांधी को यहां धरने पर बैठे दो घंटे से अधिक समय हो चुका है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए चुनाव आयोग और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने 300 सांसदों को रोके जाने पर उठाए सवाल
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि करीब 300 सांसदों को क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग संसद से महज 50 गज की दूरी पर है, लेकिन सांसदों को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं, तो उन्हें मिलने से क्यों रोका जा रहा है।
‘जनप्रतिनिधियों से चुनाव आयोग नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब’
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी चुनाव प्रक्रिया को सही तरीके से संचालित करने की है। उन्होंने सवाल किया कि यदि देश के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से ही चुनाव आयोग मुलाकात नहीं करेगा, तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और संबंधित मुद्दों को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को गंभीरता से लेने की मांग की।
राहुल गांधी का बड़ा बयान, कार्रवाई की कही बात
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कोई भी बच नहीं पाएगा। अपने बयान में उन्होंने मोहन भागवत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी नाम लिया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।
30 सितंबर की बैठक के बाद तय हुआ था मार्च
इंडिया गठबंधन ने 30 सितंबर को हुई बैठक के बाद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का फैसला किया था। यह प्रदर्शन एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोजित किया गया है। विपक्षी दल लंबे समय से इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब और स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।
एसआईआर विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
इंडिया गठबंधन के इस मार्च और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के धरने से चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। विपक्ष का कहना है कि उसके सांसदों को अपनी बात रखने और चुनाव आयोग से मिलने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं, पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियां दोनों चर्चा में बनी हुई हैं।
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