Bihar Student Protest : बिहार में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने रविवार को घायल छात्रों से मुलाकात के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की चोटें समय के साथ ठीक हो सकती हैं, लेकिन उनके टूटे हुए सपनों को कौन वापस लाएगा।
घायल छात्रों से मुलाकात का वीडियो किया साझा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने छात्रों की स्थिति और उनके साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने कहा कि इन युवाओं ने ऐसा क्या अपराध किया था कि उन पर गोली चलाने की नौबत आ गई।
शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें कोई असाधारण मांगें नहीं थीं। उनके मुताबिक, इन युवाओं ने सरकार से केवल तीन चीजें मांगी थीं—शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा और रोजगार की उम्मीद लेकर आगे बढ़ रहे छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है।
AK-47 की गोली से छात्र के पैर की हड्डी टूटी
राहुल गांधी ने दावा किया कि एक छात्र के पैर की हड्डी AK-47 की गोली लगने से टूट गई। उन्होंने कहा कि उस छात्र का सपना सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का था, लेकिन गोली लगने के बाद उसका यह सपना प्रभावित हो गया। राहुल गांधी ने इसे छात्रों के भविष्य पर पड़ा गंभीर असर बताते हुए सरकार से जवाब मांगने की कोशिश की।
दो छात्रों के कंधों को चीरती हुई निकली गोली
राहुल गांधी के अनुसार, दो अन्य छात्रों के कंधों को भी गोली चीरती हुई निकल गई। उन्होंने कहा कि ये छात्र अपराधी नहीं थे, बल्कि गरीब परिवारों से आने वाले ऐसे युवा थे जो अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए पढ़ाई कर रहे थे। किसी छात्र का लक्ष्य अच्छी नौकरी हासिल करना था, तो कोई अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलना चाहता था।
चोटें ठीक होंगी, लेकिन डर का क्या होगा?
राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोली के घाव समय के साथ भर सकते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बाद छात्रों के भीतर पैदा हुआ डर कैसे खत्म होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में बैठ चुके डर का इलाज किसी अस्पताल में नहीं होता। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सवाल किया कि छात्रों की टूटी हड्डियां तो जुड़ जाएंगी, लेकिन क्या वे उनके टूटे हुए सपने वापस ला सकते हैं।
3 सितंबर को भी छात्रों से मिले थे राहुल गांधी
राहुल गांधी इससे पहले 3 सितंबर को भी इन छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। उस समय उन्होंने छात्रों के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार सरकार चाहे कुछ भी कर ले, वह इन युवाओं के साथ खड़े हैं और उनकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।
युवाओं के समर्थन में राहुल गांधी का रुख
राहुल गांधी ने अपने ताजा बयान में एक बार फिर घायल छात्रों के प्रति समर्थन जताया है। उन्होंने छात्रों की मांगों और उनके भविष्य से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही पुलिसिया कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री और बिहार सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि युवाओं के सपनों की कीमत को केवल चोटों के ठीक होने से नहीं आंका जा सकता।
बिहार में छात्र मुद्दे पर सियासत तेज
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी के बयान के बाद बिहार की राजनीति में मुद्दा और गरमा गया है। कांग्रेस नेता लगातार घायल छात्रों के साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर बनी हुई है। फिलहाल शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही की मांग को लेकर छात्रों का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है।
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