विपक्षी दल पहुंचा रामलीला मैदान
रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन की रैली के लिए नेताओं का काफिला पहुंचना शुरू हो गया। मंच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता मौजूद हैं।

मंच से तेजस्वी ने साधा निशाना
रामलीला मैदान के मंच से संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने महाभारत का उदाहरण देकर मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाभारत की शुरुआत रणभूमि से नहीं, बल्कि जुए के खेल से हुई थी, जहां शकुनि का पासा हमेशा उसकी इच्छा के अनुसार चलता था और निष्पक्षता के लिए कोई जगह नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कुछ लोग उसी तरह का खेल खेल रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और समान अवसर प्रभावित हो रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि ऐसे हालात में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान के साथ कथित छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की हिम्मत न कर सके।

Congress Delhi Chalo March Live: ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए: शशि थरूर
इंडिया ब्लॉक की मेगा रैली में हिस्सा लेते हुए, कांग्रेस MP शशि थरूर ने कहा, “…ऐसा लगता है कि लोगों की आवाज़ उठ गई है, और अब ज्ञानेश कुमार के लिए लोगों की आवाज़ सुनने का समय आ गया है। अगर उनमें ज़रा भी समझदारी है, तो उन्हें देखना चाहिए कि लोगों का उन पर से भरोसा उठ गया है और उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”
Delhi INDIA Alliance Rally : दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली और मार्च के दौरान नया राजनीतिक विवाद सामने आया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस की बंद दुकानों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि रैली में शामिल होने आ रहे लोगों से स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने की अपील की गई थी, लेकिन कनॉट प्लेस पहुंचने पर उन्हें दुकानें बंद मिलीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दुकानों को जबरन बंद कराया गया है।

वीडियो जारी कर राहुल गांधी ने क्या कहा?
रैली और मार्च के दौरान कनॉट प्लेस पहुंचे राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने देशभर से दिल्ली आ रहे लोगों से प्रदर्शन और महारैली में शामिल होने के साथ स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करने की अपील की थी। उनका कहना था कि इससे त्योहारों के मौसम में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को आर्थिक लाभ मिल सकता था।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस में सभी दुकानें जबरन बंद कराई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर व्यापारियों का नुकसान कौन कर रहा है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हालांकि, दुकानों को बंद कराने में BJP की भूमिका होने का उनका दावा एक राजनीतिक आरोप है।
रैली से पहले भी व्यापारियों के समर्थन में की थी अपील
इससे पहले शनिवार देर रात राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर रैली में शामिल होने दिल्ली आ रहे लोगों से स्थानीय व्यापारियों का सहयोग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोग प्रदर्शन और मार्च में भाग लेने के साथ थोड़ी खरीदारी भी करें, ताकि छोटे दुकानदारों को फायदा मिल सके।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में दीपावली, छठ और भाई दूज जैसे त्योहारों का जिक्र करते हुए कहा था कि यह व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि BJP रैली को लेकर कारोबारियों के बीच नुकसान की आशंका से जुड़ी अफवाहें फैला रही है।
व्यापारियों ने भी जताई थी कारोबार प्रभावित होने की आशंका
रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने पहले ही चिंता जताई थी। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख आगे बढ़ाने या आयोजन स्थल बदलने का अनुरोध किया था। संगठन का कहना था कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने, यातायात प्रतिबंधों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से त्योहारों के दौरान कारोबार पर असर पड़ सकता है।
रविवार को CTI ने दावा किया कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाली करीब तीन लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं। संगठन ने यह भी कहा कि भीड़ और यातायात संबंधी आशंकाओं के कारण व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलने का फैसला किया है। इस तरह दुकानों के बंद रहने को लेकर राहुल गांधी के आरोप और व्यापारियों की चिंताएं चर्चा का विषय बन गईं।
CEC ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे पर विपक्ष की महारैली
रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताएं हैं। विपक्षी दलों ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। INDIA गठबंधन का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
मार्च में कई विपक्षी दलों के नेता हुए शामिल
इस मार्च और महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। आयोजन में विभिन्न विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी हिस्सा लिया। आयोजकों ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर दिल्ली में इंतजाम
महारैली और मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती के साथ निगरानी के लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया गया। मार्च के मार्ग पर यातायात नियंत्रण और वाहनों के लिए डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई।
कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद रहने को लेकर राहुल गांधी के आरोप के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस ने इसे व्यापारियों के हितों से जोड़ते हुए BJP पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक संगठनों ने भीड़, यातायात और बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित होने की आशंका जताई है। अब इस विवाद के केंद्र में यही सवाल है कि त्योहारों के अहम कारोबारी समय में बाजार बंद रहने की वजह क्या रही और इसका व्यापारियों पर कितना असर पड़ा।


