Dehradun Rally : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति अचानक रद्द किए जाने से उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कदम के लिए राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मंगलवार देर रात परेड ग्राउंड में जोरदार विरोध-प्रदर्शन और धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस दौरान घोषणा की कि सरकार के इस अडियल रवैये के बावजूद राहुल गांधी का कार्यक्रम अब देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में ही आयोजित किया जाएगा। इस बदलाव के बाद कांग्रेस ने पूरी ताकत के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

कांग्रेस का आरोप: सरकारी दबाव में प्रशासन ने पलटा फैसला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीधा आरोप लगाया कि प्रशासन ने राज्य सरकार के दबाव में आकर पहले दी गई तीन दिनों की अनुमति को निरस्त कर दिया है। सरकार का तर्क है कि परेड ग्राउंड में 17 जुलाई तक कोई अन्य कार्यक्रम चल रहा है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि वहां ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। गोदियाल ने कहा कि सरकार ने पहले दी गई 11 से 15 जुलाई तक के कार्यक्रम की अवधि को मनमाने तरीके से 17 जुलाई तक बढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कार्यक्रम का हवाला सरकार दे रही है, वह परेड ग्राउंड के बजाय किसी अन्य स्थान पर हो रहा है, जिसका कांग्रेस के कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है।

राहुल गांधी से डरी हुई है भाजपा: गणेश गोदियाल
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा सरकार पूरी तरह से डरी हुई है। उन्होंने कहा कि अनुमति रद्द करने का यह निर्णय सरकार की घबराहट को उजागर करता है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने धरने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने कार्यक्रम स्थल के लिए निर्धारित शुल्क पहले ही जमा कर दिया था और प्रशासन से बाकायदा अनुमति ली थी, जिसके दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं।
तैयारी को लेकर कांग्रेस ने बनाया नियंत्रण कक्ष
राहुल गांधी के दौरे को व्यवस्थित बनाने के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। प्रदेश महासचिव (संगठन/प्रशासन) राजेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशों पर एक 10 सदस्यीय ‘कंट्रोल रूम’ का गठन किया गया है। यह टीम 17 जुलाई के कार्यक्रम से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और प्रबंधन की बारीकी से निगरानी करेगी। कांग्रेस का मानना है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से राहुल गांधी का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जिसे विफल करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। कुल मिलाकर, देहरादून में राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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