Russia Attack Kyiv : यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने अब तक का सबसे भीषण और लंबा हमला किया है। शुक्रवार को रूस ने लगातार 11 घंटों तक ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेन के मुख्य शहर को अपना निशाना बनाया। इस दिल दहला देने वाले हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 90 से अधिक नागरिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कीव के कई रिहायशी अपार्टमेंट या तो पूरी तरह ढह गए या भीषण आग में जलकर खाक हो गए। शहर में हवाई सायरन बजते ही अफरा-तफरी मच गई और अपनी जान बचाने के लिए 50,000 से अधिक नागरिकों ने कीव के सबवे स्टेशनों में शरण ली।

रूस का दावा: तेल रिफाइनरियों पर हुए हमलों का बदला
रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एक ‘जवाबी कार्रवाई’ करार दिया है। मॉस्को के अनुसार, यह बमबारी यूक्रेन द्वारा रूसी तेल ठिकानों और ईंधन डिपो पर हाल ही में किए गए लंबी दूरी के ड्रोन हमलों का सीधा परिणाम है। यूक्रेन के उन हमलों के कारण रूस में ईंधन का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार पर आंतरिक दबाव काफी बढ़ गया है। जानकारों का मानना है कि यूक्रेन की ओर से रूसी रिफाइनरियों को लगातार निशाना बनाने के कारण रूसी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

खौफनाक रात और तबाही का मंजर
यूक्रेनी आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, कीव में यह रात पिछले काफी समय में सबसे खौफनाक रही। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इसे एक दुखद और विनाशकारी रात बताया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शहर के 30 से अधिक विभिन्न स्थानों पर भारी तबाही हुई है, जिसमें करीब 20 आवासीय इमारतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। घायलों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों पर भी भारी दबाव देखा जा रहा है, और बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।
ड्रोन तकनीक ने बदली युद्ध की दिशा
रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन ने अपनी ड्रोन तकनीक में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिसने युद्ध की दिशा और रणनीतिक बढ़त को काफी हद तक प्रभावित किया है। यूक्रेन की ‘ड्रोन आर्मी’ ने रूसी सेना के सप्लाई रूट्स को निशाना बनाकर उनकी रफ्तार को धीमा कर दिया है। विशेष रूप से क्रीमिया जाने वाली ईंधन सप्लाई को काटकर यूक्रेन ने रूसी सेना को बैकफुट पर धकेल दिया है। इस हमले और सप्लाई लाइनों में व्यवधान ने क्रेमलिन के उन दावों को भी चुनौती दी है, जिसमें रूस ने यह प्रचारित किया था कि वह युद्ध में स्पष्ट रूप से जीत की ओर अग्रसर है। वर्तमान स्थितियां दिखाती हैं कि युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे की आर्थिक और सैन्य रीढ़ पर चोट कर रहे हैं।
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