Rahul Gandhi in Lok Sabha
Rahul Gandhi in Lok Sabha: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (संविधान 131वां संशोधन) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह वास्तव में महिला आरक्षण बिल है ही नहीं, बल्कि भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की एक सोची-समझी कोशिश है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब यह विधेयक साल 2023 में ही सदन में पारित हो गया था, तो इसे अब तक लागू करने के बजाय लटकाकर क्यों रखा गया? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत में खोट है और वे इसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने महिलाओं को समाज की ‘सेंट्रल फोर्स’ (केंद्रीय शक्ति) बताते हुए कहा कि हम सभी के जीवन में मां और बहन के रूप में महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी के पिछले दिन के भाषण का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “कल संसद में बोलते हुए मेरी बहन ने 5 मिनट में वह कर दिखाया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया; उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी।” उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि यह कला उन्हें अपनी बहन से सीखनी होगी।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि भारतीय समाज में दलितों, पिछड़ों (OBC) और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक जाति जनगणना की मांग को दबाने और दरकिनार करने के लिए लाया गया है। राहुल गांधी ने तीखे शब्दों में कहा कि सरकार संविधान के ऊपर ‘मनुवाद’ को तरजीह देने की कोशिश कर रही है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरनाक है।
राहुल गांधी ने सत्ता के विकेंद्रीकरण और प्रतिनिधित्व पर बात करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि देश के बड़े उद्योग-धंधों, निजी क्षेत्रों और न्यायपालिका में दलित और पिछड़े वर्ग के लोग कहां हैं? उन्होंने कहा, “आप ओबीसी और दलितों को हिंदू तो कहते हैं, लेकिन जब उन्हें देश की व्यवस्था में उचित स्थान और प्रतिनिधित्व देने की बात आती है, तो आप पीछे हट जाते हैं।” राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार वास्तव में पिछड़ों और दलितों से सत्ता छीनने और उन्हें मुख्यधारा से बाहर रखने का प्रयास कर रही है।
राहुल गांधी ने असम और जम्मू-कश्मीर के उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार अपनी घटती ताकत को बचाने के लिए देश के राजनीतिक और भौगोलिक नक्शे को बदलना चाहती है। उन्होंने संविधान संशोधन की आड़ में किए जा रहे इन प्रयासों को ‘देश विरोधी’ करार दिया और संकल्प जताया कि वे ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन और जनगणना के नाम पर महिलाओं के हक को आगे बढ़ाना केवल एक बहाना है, असली मकसद राजनीतिक हेरफेर करना है।
राहुल गांधी के आरोपों के बीच सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने खुद ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था। रिजिजू ने कहा कि इंदिरा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक को मौका मिला था, लेकिन उन्होंने परिसीमन से परहेज किया क्योंकि उन्हें इसके खतरों और जटिलताओं का एहसास था। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए सरकार के कदम को ऐतिहासिक बताया।
Read More : Surguja School Row: “अंग्रेजी नहीं तो दाखिला नहीं”, स्थानीय बोली पर बच्चे को स्कूल से निकाला, मचा कोहराम!
Sakti Vedanta Tragedy: सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने…
Newborn Death MCB District : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले से चिकित्सा लापरवाही का एक…
Vivo Y600 Pro Leak : स्मार्टफोन जगत की दिग्गज कंपनी वीवो (Vivo) ने अपने लोकप्रिय…
131st Constitutional Amendment Bill Failed : भारतीय संसदीय इतिहास में शुक्रवार का दिन अत्यंत गहमागहमी…
BPSC TRE 4.0 Update: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए…
Strait of Hormuz Update : दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज…
This website uses cookies.