Rahul Gandhi on Patna Student Attack: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्र आकाश यादव से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने छात्र को भरोसा दिलाया कि शिक्षा, न्याय और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई मांगों का सम्मान होना चाहिए।

एनएसयूआई अध्यक्ष ने अस्पताल में की मुलाकात
जानकारी के अनुसार, पटना में पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र आकाश यादव से मंगलवार को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने छात्र की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और उसके बाद राहुल गांधी से फोन पर उसकी बातचीत कराई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने छात्र का हौसला बढ़ाया और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

छात्रों के समर्थन का दिया भरोसा
फोन पर बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संसद में भी पूरी मजबूती से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि छात्र अपने भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि उन्हें डराने या दबाने की कोशिश की जानी चाहिए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए बल प्रयोग का रास्ता अपनाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के साथ किए गए वादों को पूरा करने के बजाय सरकार ने ऐसे कदम उठाए, जिससे युवाओं में असंतोष और बढ़ा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में भी उठाए थे सवाल
इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने दावा किया था कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफलों के इस्तेमाल की खबरें सामने आई हैं और बड़ी संख्या में छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए पूछा था कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में किए गए वादों का क्या हुआ।
वादों को निभाने की उठाई मांग
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यदि सरकार ने छात्रों से कुछ आश्वासन दिए थे, तो उन्हें ईमानदारी से पूरा किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि युवाओं का भरोसा तभी कायम रहेगा, जब सरकार अपने वादों पर अमल करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए कठोर कदम उठाए गए।
अलग-अलग राज्यों का किया उल्लेख
कांग्रेस नेता ने हाल के छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। उन्होंने दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की शिकायतें सामने आई हैं। राहुल गांधी का कहना था कि छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनके अनुसार, लाखों छात्र कठिन परिश्रम से परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं तो इसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं के भविष्य को होता है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
छात्रों के मुद्दों पर राजनीति तेज
पेपर लीक और छात्र आंदोलनों को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों को पूरा करने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
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