JPSC Student Protest : झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अभ्यर्थी लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक, भर्ती में देरी और अन्य शिकायतों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। इसी बीच इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है और अब राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की भी इस मामले में सक्रियता बढ़ गई है।

राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों से फोन पर की बातचीत
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आंदोलन कर रहे छात्रों से फोन पर बातचीत कर उनका पक्ष जाना। उन्होंने छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने आंदोलनकारी युवाओं को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार जल्द ही उनसे औपचारिक बातचीत करेगी। इस कदम को छात्रों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार और छात्रों के बीच कल प्रस्तावित है बैठक
आंदोलन के बीच यह जानकारी सामने आई कि झारखंड सरकार छात्रों के प्रतिनिधियों को शुक्रवार को बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में छात्रों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस फैसले चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि सरकार सकारात्मक कदम उठाती है तो लंबे समय से जारी विवाद का समाधान निकल सकता है।
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने रखी अपनी बात
छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रविंद्र पासवान ने राहुल गांधी से हुई बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि फोन पर उन्होंने झारखंड की मौजूदा स्थिति और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों की पूरी जानकारी साझा की। रविंद्र पासवान ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि राज्य में कथित परीक्षा माफिया सक्रिय है और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा है, इसलिए इस मुद्दे पर पार्टी को स्पष्ट और प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
राहुल गांधी ने मांगी छात्रों की सभी मांगों की सूची
रविंद्र पासवान के अनुसार, राहुल गांधी ने उनसे कहा कि आंदोलन से जुड़ी सभी मांगों की विस्तृत सूची उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले को गंभीरता से देखा जाएगा और जो भी संभव होगा, वह छात्रों के हित में किया जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर राज्य सरकार से बातचीत करेंगे ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द निकाला जा सके।

छात्रों ने कांग्रेस से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की
रविंद्र पासवान ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ खड़ी है तो उसे केवल बयान देने के बजाय सरकार के भीतर प्रभावी हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद भी छात्रों की मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कांग्रेस को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि गठबंधन सरकार में शामिल होने के कारण कांग्रेस की भी उतनी ही जिम्मेदारी है जितनी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार की है।
आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े छात्र
छात्र नेताओं का कहना है कि उन्हें लगातार भरोसा दिलाया जा रहा है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, लेकिन केवल आश्वासन अब पर्याप्त नहीं है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और उनकी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दोहराया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे और सरकार पर समाधान निकालने के लिए लोकतांत्रिक दबाव बनाए रखेंगे। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली प्रस्तावित वार्ता पर टिकी हैं, जिससे इस लंबे आंदोलन के समाधान की उम्मीद की जा रही है।
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