Rahul Gandhi on PM Modi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। यह कार्यक्रम उनके छात्र आउटरीच अभियान का पांचवां चरण था। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
हॉस्टल की समस्या पर छात्रा के सवाल का किया जिक्र
कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक छात्रा की परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव से शहर पढ़ने आई छात्रा के पास हॉस्टल की सुविधा नहीं है, इसलिए उसे पीजी में रहना पड़ता है। उनके अनुसार, रहने की बढ़ती लागत और सुरक्षित आवास की चिंता के कारण कई छात्राओं के सामने पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाता है।
पीएम मोदी को टैग कर राहुल गांधी ने पूछा सवाल
राहुल गांधी ने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए छात्रा की समस्या पर जवाब मांगा। उन्होंने आवास भत्ते की पर्याप्तता और बढ़ती महंगाई से जुड़े सवाल भी उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के सामने केवल शिक्षा हासिल करने की चुनौती नहीं है, बल्कि रहने, खर्च और भविष्य की अनिश्चितता भी बड़ी चिंता बनी हुई है।
‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट’ को बनाया कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा
इंदौर कार्यक्रम में राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट’ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने पेपर लीक, भर्ती में देरी, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निजीकरण और रोजगार से जुड़े सवाल हैं। कार्यक्रम में छात्रों और अभ्यर्थियों ने भी भर्ती, परीक्षा, डिग्री, आरक्षण और हॉस्टल जैसी समस्याओं का उल्लेख किया।
सवाल पूछने को छात्रों की सबसे बड़ी ताकत बताया
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की जिज्ञासा और सवाल पूछने की क्षमता उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके मुताबिक, युवा व्यवस्था से जवाब मांगते हैं और अपने भविष्य को लेकर सवाल उठाते हैं। उन्होंने छात्रों की निडरता, ईमानदारी, सहनशीलता और आपसी भाईचारे को भी महत्वपूर्ण बताया।
पीएम मोदी और अमित शाह पर राहुल गांधी का हमला
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई प्रमुख लोगों पर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश की मौजूदा व्यवस्था छात्रों के सवालों से असहज होती है। राहुल गांधी ने इस व्यवस्था को छात्रों के हितों के विपरीत बताया।
छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि देश की संस्थाओं और व्यवस्था को लेकर छात्रों में कई सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली राजनीतिक और कारोबारी ताकतें व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने छात्रों की आवाज को दबाए जाने का भी दावा किया। ये उनके कार्यक्रम में व्यक्त किए गए राजनीतिक आरोप थे, जिन पर सत्ता पक्ष की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आई है।
शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे केंद्र में रहे
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया, सरकारी भर्तियों और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को ऐसी व्यवस्था चाहिए, जहां वे सवाल पूछ सकें और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर सकें। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने भी अपने अनुभव और परेशानियां साझा कीं।
छात्रों की भूमिका को बताया देश के भविष्य के लिए अहम
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में छात्रों को देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी और सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों से अपनी समस्याओं और अनुभवों को खुलकर सामने रखने की अपील की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
इंदौर कार्यक्रम में राजनीतिक बयान भी चर्चा में रहे
राहुल गांधी के बयान के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि शिक्षा और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बात करते समय तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात रखी जानी चाहिए। इस तरह इंदौर का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम छात्र मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण भी चर्चा में रहा।
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