Rahul Visit Cancelled : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे की अनुमति निरस्त होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम को रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया गया, जबकि सरकार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कांग्रेस का दावा- पहले मिल चुकी थी अनुमति
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों के साथ राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम के लिए केपी ट्रस्ट ने 30 जुलाई को ही औपचारिक अनुमति दे दी थी। उनके अनुसार उस समय ट्रस्ट की ओर से किसी प्रकार की आपत्ति या अतिरिक्त शर्त नहीं रखी गई थी। अजय राय का कहना है कि यदि कार्यक्रम को लेकर कोई समस्या होती तो शुरुआत में ही अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में राज्य सरकार के दबाव के चलते यह अनुमति वापस ली गई।

सरकार पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
अजय राय ने कहा कि केपी ट्रस्ट ने यह निर्णय स्वतंत्र रूप से नहीं लिया, बल्कि राजनीतिक दबाव के कारण अपना रुख बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर असहज है और इसी वजह से छात्रों से जुड़े इस आयोजन को रोकने की कोशिश की गई। कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को बाधित करने का प्रयास है।
कोटा और देहरादून का भी किया जिक्र
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों में बाधा डालने की यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में भी उनके कार्यक्रमों को रोकने की कोशिश की गई थी। हालांकि बाद में प्रशासन ने दोनों स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी थी। अजय राय ने उम्मीद जताई कि प्रयागराज में भी छात्रों और जनता की मांग को देखते हुए प्रशासन को सकारात्मक फैसला लेना पड़ेगा।
‘राहुल गांधी तय कार्यक्रम के अनुसार आएंगे’
अजय राय ने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी 8 अगस्त को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रयागराज जरूर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस आयोजन की पूरी तैयारी कर चुकी है और कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों से सीधे संवाद करना है। उनके अनुसार राहुल गांधी प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की राय सुनना चाहते हैं और उनकी समस्याओं को समझना चाहते हैं।

कांग्रेस ने मांगा वैकल्पिक आयोजन स्थल
कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद कांग्रेस ने प्रशासन से वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी की है। अजय राय ने सुझाव दिया कि स्काउट गाइड इंटर कॉलेज या हॉलैंड हॉल का मैदान इस कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। उनका कहना है कि यदि मूल स्थान पर कार्यक्रम संभव नहीं है तो छात्रों के हित में किसी अन्य उपयुक्त स्थान की व्यवस्था की जानी चाहिए।
प्रयागराज को बताया छात्रों और संघर्ष की धरती
अजय राय ने प्रयागराज की पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर देश के स्वतंत्रता संग्राम, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है। उनके अनुसार देशभर से हजारों छात्र यहां आकर आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। राहुल गांधी का उद्देश्य इन्हीं छात्रों से सीधे संवाद कर उनके सामने मौजूद चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना है।
जनसमर्थन को लेकर सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार राहुल गांधी को मिल रहे बढ़ते जनसमर्थन से चिंतित है। उनका कहना है कि इसी वजह से उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। हालांकि उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस अपने तय कार्यक्रम पर कायम है और राहुल गांधी निर्धारित तिथि पर प्रयागराज पहुंचकर छात्रों से संवाद करने का प्रयास करेंगे। वहीं अब इस पूरे मामले पर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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