Rahul Gandhi Protest: कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के एक प्रवेश द्वार के निकट अचानक धरना देकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन ने न केवल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाया, बल्कि पार्टी के कई सांसद भी इसकी पूर्व जानकारी से अनभिज्ञ रहे। कांग्रेस नेताओं का यह प्रदर्शन छात्रों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के उद्देश्य से किया गया था। अचानक हुई इस कार्रवाई के चलते मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी तुरंत सक्रिय हो गई।

गोपनीय रखी गई पूरी रणनीति
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन की योजना पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री आवास जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रदर्शन करने के लिए पहले से जानकारी सार्वजनिक होने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके की घेराबंदी कर सकती थीं। इसी कारण आंदोलन की जानकारी बेहद सीमित नेताओं तक ही रखी गई, ताकि प्रदर्शन निर्धारित योजना के अनुसार किया जा सके।

कांग्रेस सांसदों को भी नहीं था योजना का अंदाजा
बताया गया कि कांग्रेस सांसदों को केवल इतना निर्देश दिया गया था कि वे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए उनके 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर पहुंचें। अधिकांश सांसद इसी उद्देश्य से वहां पहुंचे थे और उन्हें आगे होने वाली रणनीति की जानकारी नहीं थी। बाद में जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अचानक प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, तब सांसदों से भी उनके साथ चलने के लिए कहा गया।
कुछ नेताओं को ही पहले से थी जानकारी
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के केवल कुछ वरिष्ठ नेताओं को ही इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी थी। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद वे सीधे मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पहुंचे, जहां से आगे की रणनीति पर अमल किया गया। दूसरी ओर, अधिकांश सांसदों को प्रदर्शन की योजना की जानकारी मौके पर ही मिली, जिससे कई नेता भी इस घटनाक्रम से हैरान रह गए।
राहुल गांधी समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना शुरू होने के कुछ ही समय बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई, जहां कुछ समय तक उन्हें रोका गया। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया और वे वहां से रवाना हो गए।
प्रियंका गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
रिहाई के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हाल ही में छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई बेहद दुखद और अनुचित थी। उनके अनुसार, छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद के भीतर भी छात्रों के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।
संसद में छात्रों के भविष्य पर चर्चा की मांग
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्ष जब संसद में छात्रों के भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग करता है, तब सरकार अन्य विषयों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और उनकी चिंताओं का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जाना चाहिए। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।











