DISHA Meeting : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी DISHA की बैठक में उन्होंने अधिकारियों के सामने गड्ढों से भरी सड़कों की तस्वीरें पेश कीं। राहुल गांधी ने संबंधित अधिकारियों से यह जानकारी भी मांगी कि इन सड़कों का निर्माण किन एजेंसियों ने कराया है और खराब स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
दो दिवसीय रायबरेली दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी इन दिनों दो दिवसीय रायबरेली दौरे पर हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित DISHA बैठक में अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा के साथ हिस्सा लिया। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की जिले में प्रगति और उनके क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।
तस्वीरों के जरिए अधिकारियों के सामने रखी समस्या
DISHA समिति के नामित सदस्य उमेश बहादुर सिंह उर्फ बबलू सिंह के अनुसार, राहुल गांधी ने बैठक में रायबरेली की कई खस्ताहाल PMGSY सड़कों की तस्वीरें अधिकारियों को दिखाईं। उन्होंने कुछ सड़कों के नाम भी बताए और उनकी खराब स्थिति पर कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्रामीण इलाकों में बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। बैठक में PMGSY के अधिशासी अभियंता ने खराब सड़कों की मरम्मत कराने का भरोसा दिया।
किस एजेंसी ने बनाई सड़क, इसका रिकॉर्ड हो स्पष्ट
राहुल गांधी ने सड़क निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी मांगी। उन्होंने जोर दिया कि जिले में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा बनाई गई सड़कों की स्पष्ट पहचान होनी चाहिए। रिकॉर्ड में यह दर्ज रहना चाहिए कि किसी विशेष सड़क का निर्माण किस विभाग या एजेंसी ने कराया है। उनका कहना था कि इससे सड़क की खराब गुणवत्ता या रखरखाव से जुड़ी शिकायत सामने आने पर संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने में आसानी होगी।
बैठक में सरकारी योजनाओं की हुई समीक्षा
DISHA बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना था। इसमें ग्रामीण सड़क, महिला एवं बाल विकास, खाद्य आपूर्ति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी स्थिति और लाभार्थियों तक उनके लाभ पहुंचने की जानकारी भी ली। सड़क व्यवस्था का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से सामने आया।
दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बैठक समाप्त होने के बाद राहुल गांधी मीडिया से बातचीत किए बिना कलेक्ट्रेट से रवाना हो गए। वहीं उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उन पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रायबरेली सांसद सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के बजाय उनकी कमियां तलाशने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि DISHA बैठक में योजनाओं की प्रगति और उनके प्रभाव पर चर्चा होनी चाहिए।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर भी हुई चर्चा
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि बैठक के दौरान जब ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना पर चर्चा शुरू हुई तो राहुल गांधी ने पहले संबंधित अधिकारी से योजना के बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद उन्होंने योजना के प्रचार-प्रसार पर खर्च होने वाली राशि का विवरण भी पूछा। मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की भूमिका बैठक में रायबरेली सांसद और DISHA समिति के अध्यक्ष से ज्यादा नेता प्रतिपक्ष जैसी दिखाई दी।
सड़क से लेकर योजनाओं तक सियासी तकरार
रायबरेली की DISHA बैठक में ग्रामीण सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने जहां खराब PMGSY सड़कों की मरम्मत और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया, वहीं राज्य सरकार के मंत्री ने उनके बैठक में उठाए गए सवालों को लेकर सवाल खड़े किए। ऐसे में रायबरेली में विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी चर्चा का विषय बन गए हैं।
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