Rahul Supreme Court: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने गुरुवार को शीर्ष अदालत का रुख करते हुए हाई कोर्ट के उस निर्देश पर सवाल उठाया है, जिसमें मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने को कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर अब 17 अगस्त को सुनवाई होगी।

तीन जजों की पीठ करेगी मामले की सुनवाई
राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है। अब 17 अगस्त को होने वाली सुनवाई में राहुल गांधी की ओर से हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के आधार पर दलीलें रखी जाएंगी।

भाजपा कार्यकर्ता के आरोपों पर शुरू हुआ मामला
यह मामला भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत और आरोपों से जुड़ा है। शिशिर ने दावा किया है कि राहुल गांधी के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति है। इसी शिकायत के आधार पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों से आरोपों की जांच और सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। हालांकि राहुल गांधी ने इन आरोपों के आधार पर शुरू हुई प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।
CBI और ED को जांच का निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मई में केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय को आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने जांच एजेंसियों से आरोपों का सत्यापन करने और जांच में हुई प्रगति से अदालत को अवगत कराने को कहा था। राहुल गांधी ने अब इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका में शिकायत के आधार पर आगे बढ़ाई गई कार्रवाई की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
मामले को दिल्ली हाई कोर्ट भेजने की भी मांग
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के अलावा इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष एक अलग मांग भी रखी है। उन्होंने कथित आय से अधिक संपत्ति मामले की कार्यवाही को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। इस मांग के पीछे उनके कानूनी पक्ष और मामले की कार्यवाही से संबंधित विभिन्न आधार बताए गए हैं।

20 जुलाई की सुनवाई में CBI के हलफनामे पर सवाल
मामले में 20 जुलाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान अदालत ने CBI की ओर से दाखिल हलफनामे को असंतोषजनक माना। हाई कोर्ट ने जांच की स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देते हुए विस्तृत नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने जांच एजेंसी से मामले की प्रगति को स्पष्ट रूप से सामने रखने को कहा।
ED की कार्रवाई पर हाई कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ED की जांच को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय अपने स्तर पर आवश्यक कदम उठा चुका है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि यदि ED की जांच के दौरान कोई कार्रवाई योग्य जानकारी सामने आती है, तो एजेंसी कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।
20 अगस्त को फिर होगी हाई कोर्ट में सुनवाई
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। अब एक ओर जहां हाई कोर्ट में जांच की प्रगति और CBI के नए हलफनामे पर नजर रहेगी, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के जांच संबंधी आदेश को चुनौती दी गई है। 17 अगस्त की सुनवाई में शीर्ष अदालत यह देखेगी कि याचिका में उठाए गए कानूनी सवालों पर किस तरह आगे बढ़ा जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के रुख से आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
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