Maoist Dump Cash Case : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में माओवादी डंप से बरामद करीब 20 लाख रुपये के कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि तलाशी अभियान के दौरान बरामद रकम को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा तेज हो गई है।
एसपी ने माना, 20 लाख रुपये गायब होने की शिकायत सामने आई
कांकेर के एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि करीब 20 लाख रुपये के गायब होने का मामला सामने आया है और इसकी जांच की जा रही है। एसपी के अनुसार मामले की प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट अगस्त में उच्च कार्यालय को भेजी जा चुकी है। अब वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर से आगे के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
टोंडेमरका और मरकाकोनारी जंगल में हुई थी बरामदगी
जानकारी के मुताबिक मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान मुरगांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई थी। तत्कालीन दो डीएसपी पुलिस टीम के साथ आश्रित ग्राम टोंडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों में सर्चिंग के लिए गए थे। बताया गया है कि टोंडेमरका जंगल से करीब 15 लाख रुपये और मरकाकोनारी जंगल से लगभग 5 लाख रुपये मिले थे।
सरकारी खाते में जमा करने के बजाय रकम बांटने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि दोनों स्थानों से बरामद कुल करीब 20 लाख रुपये को नियमानुसार सरकारी खाते में जमा नहीं कराया गया। इसके बजाय तत्कालीन दो डीएसपी द्वारा रकम आपस में बांटे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस आरोप की अंतिम पुष्टि जांच और उच्च अधिकारियों के स्तर पर होने वाली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
दोनों डीएसपी के तबादले के बाद सामने आया मामला
बताया जा रहा है कि जून-जुलाई 2026 के दौरान दोनों डीएसपी का तबादला कांकेर से अलग-अलग जिलों में किया गया। एक अधिकारी कोरबा और दूसरे को दंतेवाड़ा भेजे गए। दोनों अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद कथित तौर पर यह मामला सामने आया। चर्चा है कि सरेंडर कर चुके माओवादियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को इस संबंध में जानकारी मिली।
अकेले गश्त करने को लेकर भी उठे सवाल
मामले के बीच यह आरोप भी सामने आया है कि दोनों डीएसपी आमाबेड़ा क्षेत्र में कई बार गश्त के लिए अकेले निकल जाते थे। उनके साथ अन्य पुलिसकर्मी नहीं होते थे। जबकि नक्सल प्रभावित जंगलों में सुरक्षा कारणों से पुलिस टीम और बीडीएस टीम के साथ अभियान चलाया जाता है। ऐसे इलाकों में आईईडी और अन्य विस्फोटकों का खतरा बना रहता है।
पूर्व सरपंच ने डीएसपी पर लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले पूर्व सरपंच रमेश मंडावी की ओर से भी दोनों डीएसपी के खिलाफ पैसे मांगने की शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पैसे नहीं देने पर उन्हें माओवादी मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दी जा रही है।
शिकायत के बाद गिरफ्तारी से भी उठे सवाल
बताया गया है कि शिकायत के करीब छह दिन बाद पूर्व सरपंच रमेश मंडावी को नक्सली आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटनाक्रम के बाद शिकायत और गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दोनों मामलों की प्राथमिक जांच रिपोर्ट भेजी गई
एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि पैसे मांगने संबंधी शिकायत की अभी जांच नहीं हुई है और इसकी भी जांच कराई जाएगी। वहीं टोंडेमरका और मरकाकोनारी जंगल से बरामद रकम से जुड़े दोनों मामलों की प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का इंतजार है।
Read More : ECI SIR Row : हार की समीक्षा के बजाय EC पर हमला, कांग्रेस पर स्मृति ईरानी ने किया पलटवार