Raigarh Crime News
Raigarh Crime News: छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला इन दिनों नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़े युद्ध का केंद्र बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने महज 48 घंटों के भीतर जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध अफीम की खेती का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई की शुरुआत 20 मार्च को तमनार क्षेत्र से हुई थी, जहां करीब डेढ़ एकड़ में फैली 2 करोड़ रुपये की अफीम की फसल बरामद की गई। इसके ठीक बाद 23 मार्च को लैलूंगा ब्लॉक के दो अलग-अलग गांवों में अफीम की खेती पकड़ी गई। इन सभी मामलों में अब तक कुल 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घटगांव में पुलिस उस वक्त दंग रह गई जब उसने देखा कि 60 वर्षीय सादराम नाग ने अपने खेत में सब्जियों के बीच चतुराई से अफीम उगा रखी थी। पुलिस की जांच में पौधों के फूल आने की अवस्था और कुछ सूखे डंठल पाए गए। यहां से 6 किलो अफीम के सूखे पत्ते और 16 किलो सूखे डंठल जब्त किए गए हैं। इसी गांव के एक अन्य आरोपी अभिमन्यु नागवंशी के घर जब टीम पहुंची, तो वह साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रहा था, जिसे रंगे हाथों दबोच लिया गया। मुड़ागांव निवासी तानसिंह नागवंशी के यहां से भी करीब 14 किलो संदिग्ध फसल के अवशेष मिले हैं।
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी 20 मार्च को तमनार क्षेत्र के आमाघाट में मिली। एएनटीएफ (ANTF) की टीम को भैर नाला के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध खेती की गुप्त सूचना मिली थी। जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। खेत में कुल 60,326 अफीम के पौधे लहलहा रहे थे, जिनका कुल वजन 2877 किलोग्राम आंका गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस फसल की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुख्य आरोपी मार्शल संगा ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों एमानुएल और सीप्रियन भेंगरा के साथ मिलकर इस बड़े सिंडिकेट को अंजाम दिया था।
पुलिस ने इस सघन अभियान के दौरान अब तक 5 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्तियों में लैलूंगा से सादराम नाग, तानसिंह नागवंशी और अभिमन्यु नागवंशी शामिल हैं, जबकि तमनार क्षेत्र से मार्शल संगा और एमानुएल भेंगरा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फिलहाल सीप्रियन भेंगरा और अन्य फरार साथियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जब्त किए गए नमूनों को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर केस को और मजबूत बनाया जा सके।
रायगढ़ पुलिस अब अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। जिले के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में जहां पैदल पहुंचना कठिन है, वहां ड्रोन सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। अब तक खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा और रायगढ़ के कुल 74 गांवों का ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है जो घने जंगलों या नालों के किनारे स्थित हैं। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून से पहले उन सभी संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर लिया जाए जहां अवैध नशीली फसलों की खेती की संभावना है।
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