Railway Minister statement : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को हुई भगदड़ के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मामले में महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बताया कि हादसा एक यात्री के सिर से भारी सामान गिरने के कारण हुआ, जिससे सीढ़ियों पर चल रहे यात्री गिर पड़े। हालांकि, उन्होंने ‘भगदड़’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, और इस घटना को एक अप्रत्याशित दुर्घटना बताया। रेल मंत्री ने राज्यसभा में यह स्पष्ट किया कि उस दिन स्टेशन पर भीड़ बढ़ रही थी और सामान गिरने के कारण यात्री एक दूसरे पर गिर गए।

RPF रिपोर्ट में अनाउंसमेंट की वजह बताई गई
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) की रिपोर्ट में बताया गया कि हादसे का मुख्य कारण उस दिन की अनाउंसमेंट थी, जिसमें प्रयागराज जाने वाली कुंभ स्पेशल ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पहली घोषणा के बाद यात्रियों ने प्लेटफॉर्म बदलने के लिए सीढ़ियों से चढ़ने की कोशिश की, और इसी दौरान धक्का-मुक्की और गिरने की घटनाएं हुईं, जिसके बाद भगदड़ मच गई।

रेल मंत्री का जवाब- ‘सीढ़ियों पर गिरने से हुई घटना’
राज्यसभा में रेल मंत्री ने कहा कि स्टेशन पर उस दिन यात्रियों की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए उचित उपाय किए गए थे। हालांकि, रात 8:15 बजे के बाद फुटओवर ब्रिज पर भीड़ बढ़ने लगी थी। उन्होंने बताया कि कुछ यात्री सिर पर भारी सामान लादे हुए थे, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही थी। एक यात्री के सिर से सामान गिरा, और इससे प्लेटफॉर्म 14 और 15 की सीढ़ियों पर दबाव पड़ा, जिससे यात्री लड़खड़ा गए और गिर पड़े।
49 हजार जनरल टिकट बेचे गए थे, और 13 हजार ज्यादा थे
रेल मंत्री ने मार्च में लोकसभा में बताया था कि 15 फरवरी को स्टेशन पर कुल 49 हजार जनरल टिकट बेचे गए थे, जो रोजाना के औसत से 13 हजार अधिक थे। इससे स्टेशन पर भीड़ का अधिक दबाव था, और यह दुर्घटना भी इसी कारण बढ़ी।
चश्मदीदों के बयान: भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए पुलिस का कदम
घटना के बाद पुलिस द्वारा दिए गए बयान में कहा गया कि स्टेशन पर इतनी भीड़ थी कि लोग पैर रखने तक की जगह नहीं पा रहे थे। पुलिस ने यात्रियों से कहा, “अगर आपकी जान बचानी है तो लौट जाइए, आपका पैसा चला जाएगा, लेकिन आपकी जान बची रहेगी।” कई यात्री, जिनके पास कन्फर्म टिकट थे, भी ट्रेन में नहीं चढ़ सके क्योंकि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि डिब्बों में घुसना संभव नहीं था।
भीड़ के कारण ट्रेनों की देरी और कैंसिलेशन
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्टेशन पर इतनी ज्यादा भीड़ थी कि कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को भी ट्रेन में चढ़ने में मुश्किल हो रही थी। एक चश्मदीद ने बताया कि स्टेशन पर दो ट्रेनें पहले ही देरी से चल रही थीं और कुछ ट्रेनें रद्द भी हो गई थीं। इससे भीड़ का दबाव और बढ़ गया था।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को हुई भगदड़ की घटना में 18 यात्रियों की मौत हो गई और 15 घायल हुए थे। रेल मंत्री के बयान और RPF की रिपोर्ट ने इस हादसे के कारणों को स्पष्ट किया है, जिसमें अनाउंसमेंट और सामान गिरने के कारण हुआ हादसा बताया गया है। इस घटना ने स्टेशन पर बढ़ती भीड़ और प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।
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