Shah Rukh Khan : शाहरुख़ खान के लिए आज का दिन बेहद खास है क्योंकि उन्हें आखिरकार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खान ने ‘जवान’ फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता है। यह उनके 33 साल के करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जो उनकी कड़ी मेहनत और फिल्मों में अद्वितीय अभिनय को मान्यता देता है। हालांकि, इस दौरान शाहरुख़ को कुछ ऐसी फिल्मों के लिए भी अवॉर्ड मिलना चाहिए था, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में इतिहास रचा।

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे – शाहरुख़ का रोमांटिक अंदाज़
शाहरुख़ खान की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ) न सिर्फ उनकी बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई। यह फिल्म बॉलीवुड के सबसे बड़े रोमांटिक हिट्स में से एक मानी जाती है। शाहरुख़ का जो रोमांटिक अंदाज इस फिल्म में था, वह आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है। इस फिल्म के लिए शाहरुख़ खान को नेशनल अवॉर्ड मिलना चाहिए था, क्योंकि इसने न केवल रोमांस की नई परिभाषा दी बल्कि शाहरुख़ के करियर को भी एक नई दिशा दी।

चक दे इंडिया – खेल और समाज के प्रति संवेदनशीलता
शाहरुख़ की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ ने खेल और खासकर महिला हॉकी टीम को नए आयाम दिए थे। शाहरुख़ ने इस फिल्म में एक भारतीय हॉकी कोच की भूमिका निभाई थी, जिसने अपनी टीम को जीतने के लिए संघर्ष किया। यह फिल्म न सिर्फ खेलों के प्रति लोगों की सोच को बदलने में सफल रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी उजागर किया। इसके बावजूद शाहरुख़ को इस फिल्म के लिए कोई राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिला, जो एक बड़ी खामी थी।
देवदास – शाहरुख़ का संजीदा अभिनय
शाहरुख़ खान की फिल्म ‘देवदास’ में उनकी परफॉर्मेंस ने सबको चौंका दिया था। फिल्म में शाहरुख़ ने देव बाबू का किरदार निभाया था, जिसमें उन्होंने एक प्रेमी के दर्द और आक्रोश को बखूबी पर्दे पर उतारा। यह फिल्म न केवल एक प्रेम कथा थी, बल्कि भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में से एक बन गई। शाहरुख़ के अभिनय को राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए था, क्योंकि उनकी परफॉर्मेंस ने दर्शकों के दिलों को छुआ था।
वीर ज़ारा – देशभक्ति और प्रेम का अनोखा मेल
फिल्म ‘वीर ज़ारा’ में शाहरुख़ खान ने एक भारतीय पायलट की भूमिका निभाई थी, जो पाकिस्तान की एक लड़की से प्रेम करता है। इस फिल्म के माध्यम से शाहरुख़ ने न सिर्फ एक अंतर्राष्ट्रीय प्रेम कहानी दिखाई, बल्कि भारतीय और पाकिस्तानी दोनों देशों के बीच सुलह का संदेश भी दिया। फिल्म के गाने और संवाद आज भी हर इवेंट में गूंजते हैं। इस फिल्म के लिए भी शाहरुख़ को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ।
स्वदेस – एक प्रेरणादायक कहानी
फिल्म ‘स्वदेस’ में शाहरुख़ खान ने एक अमेरिकी नौकरी छोड़कर भारत लौटने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति का किरदार निभाया। इस फिल्म में शाहरुख़ ने दिखाया कि देश के लिए काम करने का सबसे अच्छा तरीका है अपनी जड़ों से जुड़ना। उन्होंने एक ऐसा प्रेरणादायक संदेश दिया जो भारतीय युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। शाहरुख़ के अभिनय को इस फिल्म में भी सराहा गया, और यह फिल्म आज भी अपने संदेश और शाहरुख़ के अभिनय के लिए याद की जाती है। हालांकि, शाहरुख़ खान को इन शानदार फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिला, लेकिन अब उनकी फिल्म ‘जवान’ से यह सपना पूरा हुआ है। 33 वर्षों के करियर में यह पहला नेशनल अवॉर्ड उनके संघर्ष और कड़ी मेहनत का सच्चा सम्मान है।
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