Raipur Air Pollution
Raipur Air Pollution: छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड की दस्तक के साथ ही वायु प्रदूषण ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार रात को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अचानक खतरे के निशान को पार कर गया। रायपुर में प्रदूषण का स्तर 366 दर्ज किया गया है, जो ‘अत्यंत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। औद्योगिक गतिविधियों और गिरते तापमान के कारण हवा में प्रदूषक कण सतह के करीब जम गए हैं, जिससे पूरी राजधानी धुंध की चपेट में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति सामान्य जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है।
प्रदेश के अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। औद्योगिक केंद्रों और शहरी इलाकों में सांस लेना दूभर हो गया है। शहरों के ताज़ा आंकड़े इस प्रकार हैं:
| शहर | AQI स्तर | श्रेणी |
| रायपुर | 366+ | अत्यंत खराब |
| भिलाई | 283 | बहुत खराब |
| रायगढ़ | 274 | बहुत खराब |
| बिलासपुर | 213 | खराब |
| कोरबा | 148 | मध्यम |
| अंबिकापुर | 131 | मध्यम |
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में PM 2.5 और PM 10 जैसे सूक्ष्म कणों की मात्रा तय मानकों से काफी अधिक हो गई है। रायपुर में PM 2.5 का स्तर 129 तक पहुँच गया है। सर्दियों में हवा की गति कम होने के कारण ये कण वायुमंडल में लंबे समय तक टिके रहते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि सांस के जरिए सीधे फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष प्रदूषण का स्तर पिछले दो वर्षों (2023 और 2024) की तुलना में कहीं अधिक है। छत्तीसगढ़ के वायुमंडल में मौजूद PM 2.5 में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा ‘कार्बन कणों’ का है, जो अन्य राज्यों की तुलना में अधिक घातक है। ये कण खून को गाढ़ा कर देते हैं, जिससे हार्ट अटैक और अचानक मौत (Sudden Death) का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में सिकलसेल के मरीजों की बड़ी संख्या और पोस्ट-कोविड कमजोर हुई इम्यूनिटी के कारण यह प्रदूषण और भी जानलेवा साबित हो रहा है।
बढ़ते प्रदूषण और शीतलहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष एडवायजरी जारी की है। हृदय रोगियों, अस्थमा के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
बाहर जाने से बचें: सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक हो, तब बाहर टहलने या व्यायाम करने से बचें।
मास्क का अनिवार्य उपयोग: बाहर निकलते समय N-95 मास्क का उपयोग करें ताकि सूक्ष्म कणों से बचाव हो सके।
आहार पर ध्यान: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन लें।
लक्षणों को न पहचानें: सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या लगातार खांसी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Read More: Chhattisgarh Cold Wave: छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट, अंबिकापुर सबसे ठंडा और रायपुर में कोहरा
Ambikapur Fire Incident : अंबिकापुर शहर के राम मंदिर रोड पर हुए भीषण अग्निकांड में…
Iran-US Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे कूटनीतिक गतिरोध को…
Pawan Khera Bail : भारतीय राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है।…
LPG Price Hike: मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की रसोई पर…
Health Tips: ड्राई फ्रूट्स की दुनिया में मुनक्का एक ऐसा नाम है, जिसे आयुर्वेद में…
India-Bangladesh Row: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हालिया टिप्पणियों ने भारत और बांग्लादेश…
This website uses cookies.