Raipur Bendri Dam Accident: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित बेंद्री डैम में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। डैम में नहाने गए एक 30 वर्षीय युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद दो अन्य दोस्तों को स्थानीय मछुआरों की सतर्कता से सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर डैम की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दोस्तों के साथ घूमने गया था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उरला निवासी सुधांशु तिवारी (30) अपने तीन दोस्तों के साथ घूमने और समय बिताने के लिए बेंद्री डैम पहुंचे थे। मौसम अनुकूल होने के कारण सभी दोस्तों ने डैम में नहाने का फैसला किया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर बाद तीन युवक अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए। पानी की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण वे संतुलन नहीं बना सके और डूबने लगे।

स्थानीय मछुआरों ने दिखाई बहादुरी
घटना के समय डैम के आसपास मौजूद स्थानीय मछुआरों की नजर युवकों पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू किया। मछुआरों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, सुधांशु तिवारी गहरे पानी में चले गए और उन्हें समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका। स्थानीय लोगों ने भी बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह पानी में लापता हो चुके थे।
एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तत्काल डैम में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और कई घंटों तक युवक की तलाश की। लगातार प्रयासों के बाद गोताखोरों ने सुधांशु तिवारी का शव डैम से बरामद कर लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सात दिनों में दूसरा डूबने का मामला
बेंद्री डैम में लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। बीते सात दिनों के भीतर यह डूबने की दूसरी घटना है। इससे पहले भी इसी डैम में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो चुकी थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने से स्थानीय लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो कई हादसों को रोका जा सकता था।

पिछले वर्ष भी कई लोगों की गई थी जान
स्थानीय लोगों के अनुसार, बेंद्री डैम पहले भी कई दर्दनाक हादसों का गवाह बन चुका है। वर्ष 2025 में एक ही महीने के दौरान इस डैम में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के लिहाज से कोई स्थायी और प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और नहाने पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
गहराई और तेज बहाव बना सबसे बड़ा खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बेंद्री डैम में कई स्थानों पर पानी काफी गहरा है और बहाव भी तेज रहता है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग अक्सर इसकी वास्तविक स्थिति से अनजान रहते हैं, जिसके कारण हादसे हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि डैम के आसपास पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेड, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित लाइफगार्ड और निगरानी व्यवस्था का अभाव है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं, संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश पर नियंत्रण लगाया जाए और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए।
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